‘कर्नाटक को समय पर मिला हर एक बकाया’, सिद्धारमैया सरकार के दावे पर भड़कीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार द्वारा केंद्र पर सूखा राहत कोष जारी नहीं करने को लेकर आरोप लगाया है। कर्नाटक सरकार के इन आरोपों पर अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक का हर बकाया पैसा समय पर दिया गया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बेंगलुरु में आयोजित थिंकर्स फोरम में बोलते हुए कहा कि राज्य का हर बकाए रुपये का हिसाब-किताब किया गया और उन्हें समय पर फंड जारी किया गया है।

कर्नाटक सरकार का दावे को बताया गलत

सीतारमण ने कहा- ‘कर्नाटक के लिए विशेष अनुदान के रूप में 5,495 करोड़ रुपये जारी नहीं किए जाने का दावा पूरी तरह गलत है। वित्त आयोग ने अपनी अंतिम रिपोर्ट में ऐसे किसी विशेष अनुदान की सिफारिश नहीं की है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत देश भर में 80 करोड़ और शहरी बेंगलुरू से 30.5 लाख लोगों को हर महीने घर पर मुफ्त राशन मिलता है।’

उन्होंने आगे कहा कि मैं उन गारंटियों को चिन्हित करती हूं, जो हमने आम लोगों, विशेषकर गरीबों की मदद के लिए पूरा किया है। उन्होंने कहा कि शहरी बेंगलुरु में 14.68 लाख जनधन खाते खोले गए, जबकि देश भर में 52 करोड़ खाते खोले गए हैं।

प्रमुख मुद्रा योजना के तहत बेंगलुरु को 30,490 करोड़ किए आवंटित

उन्होंने बताया कि केंद्र की प्रमुख मुद्रा योजना के तहत कुशल कारीगरों को 10 लाख रुपये तक के माइक्रो-क्रेडिट का लाभ उठाने में सक्षम बनाया गया है। अकेले शहरी बेंगलुरु को 30,490 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। मुद्रा योजना के 38.25 लाख लाभार्थी अकेले शहरी बेंगलुरू में हैं। राज्य को स्टैंड-अप इंडिया के तहत भी धन प्राप्त हुआ है, जो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के लिए 10 लाख से 1 करोड़ रुपये के बीच ऋण की सुविधा प्रदान करता है।

सीतारमण ने कांग्रेस के दावों को किया खारिज

सीतारमण ने राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस के दावों को खारिज करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत 30 लाख से अधिक लाभार्थियों को शहरी बेंगलुरु में लाभार्थी के रूप में नामांकित किया गया था। उन्होंने कहा कि मैं राज्य सरकार को बताना चाहती हूं कि जीएसटी से उनको फायदा हो रहा है। करों से राज्य का राजस्व बढ़ने लगा है।

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