Kanjoos Makhichoos: कंजूस मक्खीचूस का ट्रेलर हुआ आउट, धमाकेदार ड्रामा-कॉमेडी फिल्म का जी5 पर ले सकेंगे मजा

मुंबई : ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 ने आज अपनी आने वाली डिजिटल फिल्म कंजूस मक्खीचूस की घोषणा की है। यह विपुल मेहता ने लिखी और निर्देशित की है। इस कॉमेडी ड्रामा फिल्म में कुणाल खेमू, श्वेता त्रिपाठी, पीयूष मिश्रा, अलका अमीन, राजीव गुप्ता और स्वर्गीय राजू श्रीवास्तव प्रमुख भूमिका में नजर आने वाले हैं। फिल्म इसी महीने 24 मार्च को जी 5 पर प्रीमियर के लिए तैयार है।

जमनाप्रसाद हैं बेहद कंजूस

यह एक इंटरेस्टिंग कॉमेडी ड्रामा फिल्म है। कंजूस मक्खीचूस जमनाप्रसाद पांडे(कुणाल खेमू) की कहानी है, जो कि काफी कंजूस होते हैं। वह अपनी कंजूसी  के कारण पूरे उत्तर प्रदेश के देवरिया शहर में बदनाम हैं। उनके माता पिता गंगाप्रसाद पांडे (पीयूष मिश्रा) और सरस्वती पांडे(अलका अमीन), पत्नी(श्वेता त्रिपाठी) और बेटा कृष जो कि जमनाप्रसाद की इन कंजूसी वाली आदतों से तंग आ चुके हैं। नहाने के लिए प्रति व्यक्ति एक बाल्टी इस्तेमाल करने से लेकर हर महीने भर में एक अगरबत्ती के उपयोग तक, जमनाप्रसाद कभी भी अनावश्यक रूप से एक रुपया भी नहीं छोड़ता है। हालांकि परिवार के सभी लोगों को यह पता है कि जमनाप्रसाद यह कंजूसी वाला बर्ताव इसलिए करते हैं क्योंकि वह अपने माता पिता की चार धाम की यात्रा के सपने को पूरा करना चाहते हैं।

फिल्म की कहानी है होगी कुछ इस तरह

अपने पिता की इच्छा पूरी करने के दौरान कुछ घटना घटती है। मां बाप को चार धाम की यात्रा पर भेजने के बाद इसी बीच भारी बारिश और बाढ़ आती है, जिसके कारण परिवार से बीच में संपर्क टूट जाता है। इन हालातों के  चलते सरकार 25 दिन से ज्यादा लापता लोगों को मृत घोषित कर देती है और मुआवजा जारी करती है। हर एक लापता व्यक्ति के लिए 7 लाख रुपये दिए जाने होते हैं। इसलिए जमना के माता पिता के लापता होने पर उसे 14 लाख रुपये मिलने होते हैं। हालांकि उसे महज 10 लाख रुपये  दिए जाते हैं, और चार लाख रुपयों की घपलेबाजी होती है। इससे परेशान होकर जमनाप्रसाद एक अवैध व्यवस्था के खिलाफ लड़ने का फैसला करता है, लेकिन क्या वह इस सिस्टम के खिलाफ जीत हासिल कर पाएगा।

निर्देशक की जी5 पहली हिंदी फिल्म

निर्देशक विपुल मेहता ने कहा कि कंजूस मक्खीचूस लखनऊ से संबंध रखने वाले एक मध्यवर्गीय, सरल दिमाग वाले पांडे परिवार की कहानी है। फिल्म में दर्शाया गया हास्य भी बहुत स्वाभाविक है। जमनाप्रसाद एक कंजूस दिमाग का व्यक्ति है और उसके कंजूस तरीके दर्शकों का दिल चुरा लेंगे। कुल मिलाकर, ज़ी के साथ मेरी यात्रा हमेशा के लिए रही है, क्योंकि मेरा पहला शो ‘कोशिश एक आशा’ ज़ी पर प्रसारित हुआ था और अब मेरी पहली हिंदी फिल्म कंजूस मक्खीचूस भी ज़ी5 पर रिलीज हो रही है।

फिल्म को लेकर कुणाल खेमू ने कही यह बात

अभिनेता कुणाल खेमू ने कहा- कंजूस मक्खीचूस उस तरह की फिल्म है जिसे मैं अपने परिवार के साथ देखना पसंद करूंगा क्योंकि यह पूरी तरह से लोगों का मनोरंजन करने वाली फिल्म है। इसमें ड्रामा, कॉमेडी,ट्विस्ट, एक प्यारा मैसेज और ढेर सारा एंटरटेन है। साथ ही, मैंने अपने सह-अभिनेताओं और पूरे क्रू के साथ शूटिंग करते हुए बहुत अच्छा समय बिताया क्योंकि सेट पर एनर्जी बहुत अच्छी थी। मुझे यकीन है कि मेरे फैंस और उनके परिवार इस फिल्म को देखकर मजा आएगा।

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