कभी मोहब्बत की कसक तो कभी जिंदगी का फलसफा, किशोर कुमार के बेहतरीन गीतों ने छुआ हर जज्बात

मुंबई : किशोर कुमार भारतीय सिनेमा के सबसे वर्सेटाइल गायकों में से एक हैं, जिन्होंने अपनी हर तरह के गीतों से सिनेमा को समृद्ध बनाया। उनकी आवाज से कई किरदार और कलाकारों की अदाकारी को नया मुकाम मिला। किशोर के गाने वक्त के सफर में उतने ही तरोताजा हैं, जितने उस समय थे।

पीढ़ी-दर-पीढ़ी उनके गाने सुनने वालों को दीवाना बना रहे हैं। इन गानों की कशिश ऐसी है कि नई फिल्मों या एल्बम में उन्हें नये अंदाज में प्रस्तुत किया जाता रहा है। शम्मी कपूर, राजेश खन्ना, अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र समेत उस दौर के तमाम सुपरस्टार्स के गानों को किशोर ने अपनी आवाज से सजाया। किशोर के ऐसे ही गीत, जिनके सुरों की खनक आज भी वैसी ही है।

नीले-नीले अम्बर पर (कलाकार)

‘नीले-नीले अम्बर पर’ आज भी बेहद पसंद किया जाता है। फिल्म कलाकार का यह हिट गीत मनोज कुमार के बेटे कुणाल गोस्वामी पर फिल्माया गया है। संगीत कल्याणजी आनंदजी ने दिया था। फिल्म के बारे में भले ही ज्यादा लोग ना जानते हों, मगर इस गाने से शायद की कोई अनजान होगा।

इस गाने की प्रेरणा इलैयाराजा का एक तमिल गाना था। किशोर ने युवा नायक की आवाज से मेल खाने के लिए अपनी आवाज को नरम कर लिया था। फिल्म में कुणाल गोस्वामी ने एक उभरते गायक की भूमिका में नजर आए थे।

मेरे नैना सावन भादो (महबूबा)

ये हिट गाना किशोर कुमार ने लता मंगेशकर से सीखने के बाद गाया था। दरअसल, इससे जुड़ा एक किस्सा यह है कि यह गीत हिंदुस्तानी संगीत के सबसे कठिन रागों में से एक पर आधारित था और वो था राग शिवरंजनी। हर किसी ने आरडी बर्मन यानी पंचम दा को कहा कि ये गाना मोहम्मद रफी से रिकोर्ड कराया जाए, क्योंकि किशोर कुमार इसे नहीं गा सकेंगे, लेकिन पंचम दा को पूरा यकीन था कि ये किशोर कुमार ही गाएंगे।

जब पंचम दा ने किशोर कुमार को ये बताया तो उन्होंने बोला कि वे पहले लता जी से ये गाना रिकोर्ड कराएं, फिर वे उसे वैसे के वैसे ही रिकोर्ड कर देंगे। फिर क्या था आर डी बर्मन ने लता मंगेशकर से ये गाना रिकोर्ड कराया और रिकॉर्डिंग किशोर कुमार को भेज दी।

किशोर कुमार ने 7 दिनों तक यह गाना प्रैक्टिस किया था। फिर जब वो इस गाने को रिकोर्ड करने पहुंचे तो सब के सब ये गाना सुनकर हैरान रह गए, क्योंकि किशोर कुमार ने इस गाने को बिलकुल लता मंगेशकर की तरह गाया था।

पहले दे दो मेरा, पांच रुपैया बारा आना (चलती का नाम गाड़ी)

किशोर कुमार और मधुबाला का नटखट गाना ‘पहले दे दो मेरा, पांच रुपैया बारा आना’, आज भी हमारे चेहरे पर हंसी ले आता है। हालांकि, बहुत कम लोग इस गाने की कहानी के बारे में जानते होंगे। इसका आइडिया एक बेहद अनोखी चीज से आया है। इंदौर कॉलेज की कैंटीन के एक हॉस्टल में उन पर 5.75 रुपये का कर्ज था और यहीं से गाने का कॉन्सेप्ट आया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

This will close in 20 seconds