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कैंसर होने के बाद भी इशिका बाला ने नहीं मानी हार, 99.17% लाकर प्रदेश में फहराया परचम

Chhattisgarh May 7, 2025 रिपोर्टर: Mahima Yadav
कैंसर होने के बाद भी इशिका बाला ने नहीं मानी हार, 99.17% लाकर प्रदेश में फहराया परचम

कैंसर होने के बाद भी इशिका बाला ने नहीं मानी हार, 99.17% लाकर प्रदेश में फहराया परचम

पखांजुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने बुधवार की अपरान्ह 3 बजे 10वीं और 12वीं ओर्ड परीक्षाओं के नतीजे घोषित कर दिए। 10वीं में गुंडाधुर सरकारी हाईस्कूल पखांजुर की छात्रा इशिका बाला ने 99.17% अंक हासिल कर टाप किया है। इशिका ने कुल 595 अंक प्राप्त किए हैं, और उनकी इस सफलता ने न केवल राज्य को गर्वित किया, बल्कि उनकी जीवन यात्रा एक प्रेरणा बन गई है।

इशिका के पिता शंकर बाला किसान हैं, और उनकी मां का नाम इति बाला है। इशिका कांकेर जिले के परलकोट पीवी नंबर 51 की रहने वाली हैं और कोयलीबेडा विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोंडाहुर की छात्रा हैं। सबसे चौकाने वाली बात यह है कि इशिका पिछले दो सालों से ब्लड कैंसर से जूझ रही हैं। कैंसर के इलाज के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ी।

पिछले वर्ष नहीं दे पाईं थी परीक्षा 

दरअसल, पिछले साल कैंसर के इलाज के कारण इशिका 10वीं की परीक्षा नहीं दे पाई थीं। उस समय उनका इलाज चल रहा था, और इस कारण वह परीक्षा में शामिल नहीं हो सकी। इस स्थिति में इशिका बहुत मायूस हो गई थीं, लेकिन उनके माता-पिता और शिक्षकों की प्रेरणा ने उन्हें फिर से हिम्मत दी। इस बार इशिका ने कैंसर के इलाज के साथ-साथ 10वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी शुरू की। इलाज के दौरान दर्द और थकान के बावजूद, उन्होंने पूरी तरह से सकारात्मक रहते हुए पढ़ाई की और अपने लक्ष्य को हासिल किया। इशिका के समर्पण और मेहनत के परिणामस्वरूप आज वह राज्य की टॉपर बनी हैं। उनका यह संघर्ष यह साबित करता है कि यदि इंसान का इरादा मजबूत हो, तो कोई भी मुश्किल उसे उसके रास्ते से भटका नहीं सकती।

स्कूल के शिक्षकों ने दी बधाई 

इशिका की इस सफलता पर उनके स्कूल के प्राचार्य अरुण कुमार कीर्तनीय और अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं ने खुशी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि, इशिका ने हम सभी को यह दिखा दिया कि मेहनत और हिम्मत से कोई भी मुश्किल आसान हो सकती है। हम उनके जल्दी ठीक होने की कामना करते हैं।

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