रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य कर विभाग में वर्ष 2022 में लिपिक वर्ग से वाणिज्यिक (राज्य) कर निरीक्षक के 42 पदों पर नियुक्ति के लिए आयोजित सीमित प्रतियोगिता परीक्षा को निरस्त कर दिया गया है. राज्य कर आयुक्त कार्यालय ने जांच समिति की विस्तृत रिपोर्ट में सामने आई गंभीर एवं व्यापक अनियमितताओं के आधार पर 26 जून 2022 को आयोजित परीक्षा को शून्य घोषित करते हुए उसके आधार पर की गई पूरी चयन प्रक्रिया भी निरस्त कर दी है. इसके साथ ही 7 जुलाई 2022 को जारी नियुक्ति आदेश को भी रद्द कर दिया गया है.
जांच में सामने आया कि परीक्षा से पहले पदों का वर्गवार आरक्षण रोस्टर तैयार नहीं किया गया था. इसके अलावा परीक्षार्थियों की उपस्थिति पंजी का संधारण नहीं होने से परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों की उपस्थिति का मूल रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं मिला. परीक्षा का समेकित परिणाम और अंक तालिका भी तैयार अथवा संधारित नहीं की गई थी. इससे अभ्यर्थियों की वास्तविक मेरिट का निष्पक्ष एवं सत्यापन योग्य निर्धारण प्रभावित हुआ.
उत्तर-पुस्तिकाओं में मिली समानता
जांच समिति ने चयनित अभ्यर्थियों की उत्तर-पुस्तिकाओं में कई मामलों में एक समान उत्तर लिखे जाने का तथ्य भी दर्ज किया है. रिपोर्ट के अनुसार, इसके संबंध में अभिलेखों में कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिला. परीक्षा केंद्र में उत्तर-पुस्तिकाओं पर अभ्यर्थियों की पहचान छिपाने के लिए कोडिंग व्यवस्था भी नहीं अपनाई गई थी.
पुनर्मूल्यांकन पर भी उठे सवाल
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से पुनर्मूल्यांकन किए जाने की स्थिति पाई गई. रिपोर्ट के अनुसार, कुछ चयनित अभ्यर्थियों का चयन पुनर्मूल्यांकन में अंक बढ़ने के बाद ही संभव हुआ. खास बात यह है कि चयन सूची जारी होने से पहले चयन समिति के अध्यक्ष, सदस्य और परीक्षा नियंत्रक द्वारा भी पुनर्मूल्यांकन में भाग लिया गया था. इससे मूल्यांकन की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर सवाल उठे.
इसके अलावा वर्ष 2021 और 2022 में आयोजित परीक्षाओं के संबंध में खरीदी गई उत्तर-पुस्तिकाओं की संख्या, उपयोग की गई उत्तर-पुस्तिकाओं और बची हुई उत्तर-पुस्तिकाओं के आंकड़ों में भी विसंगति पाई गई. इनका उपलब्ध अभिलेखों से मिलान नहीं हो सका और इसके संबंध में पर्याप्त अभिलेखीय स्पष्टीकरण भी नहीं मिला.
पूरी चयन प्रक्रिया पर पड़ा असर
राज्य कर आयुक्त कार्यालय ने आदेश में कहा है कि अनियमितताएं परीक्षा के किसी एक चरण तक सीमित नहीं थीं. इनका असर परीक्षा आयोजन, आरक्षण, उत्तर-पुस्तिकाओं के नियंत्रण, मूल्यांकन, पुनर्मूल्यांकन और अंतिम चयन तक रहा. ऐसे में यह विश्वसनीय रूप से निर्धारित करना संभव नहीं था कि किन अभ्यर्थियों को वास्तविक मेरिट के आधार पर चयन मिला और किन्हें अनियमितताओं का लाभ मिला.
केवल पुनर्मूल्यांकन कराने या संशोधित मेरिट सूची तैयार करने के विकल्प पर भी विचार किया गया, लेकिन उपलब्ध अभिलेखों की स्थिति को देखते हुए इससे परीक्षा की मूल कमियों को दूर करना संभव नहीं पाया गया.
सभी प्रभावित कर्मचारी मूल पद पर लौटेंगे
आदेश में कहा गया है कि 2022 की परीक्षा में पाई गई अनियमितताएं व्यापक और प्रणालीगत प्रकृति की हैं. इसलिए 26 जून 2022 को आयोजित सीमित प्रतियोगिता परीक्षा को शून्य घोषित करते हुए उसके आधार पर हुई चयन प्रक्रिया निरस्त की गई है. परीक्षा के आधार पर जारी 7 जुलाई 2022 के नियुक्ति आदेश को भी निरस्त कर दिया गया है.
इस चयन के आधार पर वाणिज्यिक (राज्य) कर निरीक्षक के पद पर नियुक्त सभी प्रभावित कर्मचारियों को उनके मूल पद पर प्रत्यावर्तित किया जाएगा. उन्हें उस मूल पद और मूल पदस्थापना पर पदस्थ माना जाएगा, जहां वे वाणिज्यिक कर निरीक्षक के पद पर नियुक्ति से पहले कार्यरत थे. आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है.