भारत में डिजाइन की गई स्वदेशी NAVIC चिप, स्कूल बसों और हथियार प्रणालियों की हो सकेगी ट्रैकिंग

नई दिल्ली : बेंगलुरु की एक अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कंपनी ने स्वदेशी रूप से विकसित की गई एनएवीआइसी चिप का शुभारंभ (unveiling) है। इसकी सहायता से स्कूल बसों, हथियार प्रणालियों को ट्रैक करने में मदद मिलेगी। यह नागरिक और रक्षा क्षेत्रों में भारत की अपनी नेविगेशन उपग्रह प्रणाली का उपयोग कर सकती है। 12 नैनोमीटर चिप को एक मोबाइल फोन या किसी भी हाथ में रखने वाले डिवाइस में स्थापित किया जा सकता है।

CDS अनिल चौहान को भेट की गई चिप

आइआइटी (IIT) खड़गपुर द्वारा विकसित ऐलेना जियो सिस्टम द्वारा डिजाइन की गई चिप को गुरुवार को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के अध्यक्ष समीर वी कामत और वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी की उपस्थिति में चीफ आफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान को भेंट की गई।

ताइवान की चिप निर्माता कंपनी से समझौता

ऐलेना जियो सिस्टम्स ने एनएवीआइसी चिप की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ताइवान स्थित एक चिप निर्माता कंपनी के साथ समझौता किया गया है।  छोटे आकार, अत्यधिक कम बिजली की आवश्यकता और साफ्टवेयर आधारित नियंत्रण वाले एनएवीआइसी चिप को मोबाइल, हाथ में रखने वाले उपकरण और पहनने योग्य उपकरणों से स्कूल बसों, हथियार प्रणालियों को ट्रैक करने में मदद मिलेगी।

कंपनी को मिली है 10,000 चिप्स की खेप

ऐलेना जियो सिस्टम्स के संस्थापक और मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी वी.एस. वेलन ने कहा, हम चिप का निर्माण करने वाली फैक्ट्री को सीधे नियंत्रित कर रहे हैं। हमने फैक्ट्री को सभी चीजें उपलब्ध करा दी और हम कितनी भी संख्या में चिप्स का निर्माण कर सकते हैं। हमें 10,000 चिप्स की पहली खेप मिली है। इसे जल्द ही वितरित किए जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रोसेसर भारत को एक बड़ी बढ़त देगा क्योंकि सरकार और निजी क्षेत्र दोनों अमेरिकी ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) पर अपनी निर्भरता से दूर हो सकते हैं।

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