देश का सबसे बड़ा नक्सल डंप रिकवर, करोड़ों रुपये, 7.2 किलो सोना के साथ 25 नक्सलियों ने किया सरेंडर

बीजापुर : बीजापुर में अब तक देश का का सबसे बड़ा नक्सल डंप रिकवर किया गया है. नक्सलियों के डंप से 2.90 करोड़ रुपए और 11 करोड़ रुपए की कीमत का 7.2 किलो सोना बरामद किया गया है. इसके साथ ही 25 माओवादियों ने समर्पण भी कर दिया है. ये नक्सली अपने साथ 93 हथियार लेकर आए थे. यह डंप बीजापुर के ताड़पला-कर्रेगुट्टा के घने जंगलों में पाया गया है.
11 करोड़ रुपये और 7.2 किलो सोना बरामद
ये इलाका छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पास स्थित हैं. इसमें भारी मात्रा में आईईडी (IED), बैरल ग्रेनेड लांचर (BGL), बीजीएल शेल, 303 बोर की राइफलें, एसएलआर (SLR), इंसास (INSAS), डेटोनेटर और गोला-बारूद शामिल हैं. इसके साथ ही करीब 11 करोड़ रुपये की नगदी और 7.2 किलों सोना जिसकी कीमत 2.90 करोड़ रुपये बताई जा रही हैं, बरामद किया जा रहा है.
लाल आतंक के सफाए के संकल्प का अंतिम
बस्तर से लाल आतंक के सफाए के संकल्प का आज अंतिम और सबसे निर्णायक दिन साबित हुआ. 31 मार्च की डेडलाइन के आखिरी दिन सुरक्षाबलों ने नक्सलवाद की कमर तोड़ते हुए आखरी प्रहार किया, बस्तर के पांच जिले दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर और कांकेर में आज नक्सल अध्याय का आखिरी सरेंडर के साथ नक्सलवाद का THE END हो गया.
डेडलाइन के अंतिम दिन, पांच जिलों में सरेंडर
डेडलाइन” के अंतिम दिन, पांच जिलों दंतेवाड़ा, नारायणपुर, सुकमा, बीजापुर और कांकेर में कुल 33 सक्रिय नक्सलियों ने समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला करते हुए आत्मसमर्पण कर दिया। नक्सलियों के पास से और उनकी निशानदेही पर कुल 198 घातक हथियार बरामद किए गए हैं, जिनमें AK-47, LMG, SLR और इंसास जैसे अत्याधुनिक हथियार शामिल हैं।
इस पूरे अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि बीजापुर और सुकमा में हुई रिकॉर्ड रिकवरी रही, जहाँ सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के विशाल ‘डंप’ का भंडाफोड़ करते हुए 14 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है. इसमें करोड़ों की नकदी के साथ-साथ भारी मात्रा में सोना भी शामिल है.
40 घातक हथियारों का जखीरा बरामद
दंतेवाड़ा में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) के 9 लाख इनामी 5 सक्रिय नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया वही आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों को 40 घातक हथियारों का जखीरा बरामद हुआ, जिनमे, 8 नग एसएलआर (SLR) राइफल, 3 नग इंसास (INSAS) राइफल 5 नग बीजीएल (BGL) लॉन्चर, 1 नग कार्बाइन और 1 नग .303 राइफल सहित अन्य हथियार शामिल है.
वही नारायणपुर जिले में डेडलालन के अंतिम दिन
नारायणपुर पुलिस को भी एक बड़ी सफलता मिली है, नक्सलियों के एक विशाल डंप का पुलिस ने भंडाफोड किया है, नक्सलियों के 59 घातक हथियार बरामद किया गया है जिसमे 25 भरमार बंदूकें, 6 बीजीएल लॉन्चर, 12 नग 315 बोर की राइफलें, 1 एलएमजी, कई विस्फोटक सामग्री के साथ 1 लाख रुपए का आखरी इनाम नक्सली ने आत्मसमर्पण किया है.
16 लाख के 2 इनामी नक्सलियों ने किया सरेंडर
सुकमा जिले की बात करे तो 16 लाख के 2 इनामी नक्सलियों ने 10 लाख कैश और 2 AK 47, 1 LMG, और 3 303 जैसे 6 ऑटोमैटिक हथियारो के साथ आज सरेंडर कर दिया इसके साथ ही सुकमा के आखरी बचे नक्सलियों ने आज सरेंडर कर सुकमा को भी नक्सलमुक्त बना दिया.
बीजापुर जिले में नक्सलियों की बड़ी राशि रिकवर
बीजापुर जिले में नक्सलियों का एक बड़ा राशि रिकवर किया गया है जहां आज 25 नक्सलियों ने सरेंडर तो किया वही उनके पास से 93 हथियार बरामद हुए और सबसे बड़ी बात नक्सलियों का सबसे बड़े रकम की डंप रिकवरी किया गया. 14 करोड़ रुपए जिसमें 2 करोड़ 90 लाख रुपए नगद और 11 करोड़ 60 लाख रुपए के 7.2 किलोग्राम सोना बरामद किया गया.
उत्तर बस्तर कांकेर जिले में भी 31 मार्च के आखरी समय में 1 AK 47 हथियार के साथ 2 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया
अंतिम सक्रिय नक्सलियों का सरेंडर
इसी के साथ 31 मार्च की डेडलाइन के अंतिम क्षणों में कांकेर और सुकमा के अंतिम सक्रिय नक्सलियों के सरेंडर ने आधिकारिक तौर पर बस्तर संभाग को नक्सल आतंक मुक्त क्षेत्र बनाने की दिशा में अंतिम मुहर लगा दी है. आखरी प्रहार के तहत आज का दिन छत्तीसगढ़ के इतिहास में लाल आतंक के अंत और शांति के नए सूर्योदय के रूप में दर्ज हो गया है.