‘भारत और सूरीनाम के लोगों में बहुत सामनात, घर जैसा एहसास’, सांस्कृतिक कार्यक्रम में बोलीं राष्ट्रपति मुर्मु

नई दिल्ली : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इन दिनों सूरीनाम के दौरे पर हैं। यहां पर उन्होंने एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान अपने संबोधन में उन्होंने सूरीनाम की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें यहां पर अपने घर जैसा महसूस हो रहा है।

पहली बार सूरीनाम की यात्रा

यहां आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। यहां के सभी प्रतिनिधिमंडल की ओर से किए गए स्वागत और आतिथ्य से मैं बहुत अभिभूत हूं। मैं भारत के आपके भाइयों और बहनों की ओर से आपको शुभकामनाएं देती हूं। आपके देश की यह मेरी पहली यात्रा है और आज का दिन एक विशेष अवसर भी है।

भारत और सूरीनाम में है समानता

आपको देश के हरियाली, पेड़-पौधे और शुद्ध हवा से बहुत ही अच्छा वातावरण बनता है, लेकिन जिस चीज ने मुझे सबसे ज्यादा आकर्षित किया है, वो सूरीनाम के लोगों का विविधता, स्वागत, सेहत और उत्साह। विविधता के लिए प्रसिद्ध भारत और सूरीनाम के लोग दूसरों से सहजता से घुल-मिल जाते हैं, कि मुझे लगने लगा है जैसे मैं अपने घर में ही हूं।

सूरीनाम के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को 5 जून को सूरीनाम के राष्ट्रपति चंद्रिका प्रसाद संतोखियन ने सूरीनाम का सर्वोच्च सम्मान ‘ग्रैंड ऑर्डर ऑफ द चेन ऑफ द येलो स्टार’ से सम्मानित किया। राष्ट्रपति मुर्मु भारत की पहली महिला राष्ट्रपति हैं, जिसे इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्होंने इस पुरस्कार को दोनों देशों के नागरिकों और खासकर महिलाओं को समर्पित किया।

इस मौके पर राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा, “यह सम्मान भारत के लिए काफी महत्व रखता है। दोनों देशों (भारत और सूरीनाम) में महिलाओं के लिए सशक्तिकरण और प्रोत्साहन के प्रकाश स्तंभ के रूप में कार्य करता है, जिसकी वजह से यह और भी सार्थक हो जाता है।”

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