म्यांमार के गृह युद्ध में सेना को भारी नुकसान, घटती जा रही है फौजियों की तादाद

यंगून  : म्यांमार के गृह युद्ध में दोनों पक्षों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। सैनिक शासन ने इस दौरान अपने विरोधियों को कमजोर करने की योजनाबद्ध कोशिश की है। दो महीने पहले उसने देश की प्रमुख पार्टी नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (एनएलडी) को भंग कर दिया था। विद्रोही गुटों के खिलाफ उसने अपनी कार्रवाई को ज्यादा बेरहम बना दिया है। इसके बावजूद सेना को हुए नुकसान की भरपाई वह नहीं कर पा रहा है।

अमेरिकी थिंक टैंक यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ पीस में विजिटिंग स्कॉलर ये मयो हिन हाल में एक विश्लेषण में लिखा- ‘म्यांमार में सैनिकों की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है।’ इस विश्लेषण में अनुमान लगाया गया है कि गृह युद्ध में म्यांमार की सेना को 13 हजार जवान गंवाने पड़े हैं। उनके अलावा आठ हजार सैनिक ड्यूटी छोड़ कर भाग गए हैं।

इसके पहले विश्लेषकों का अनुमान था कि म्यांमार की सेना में तीन से चार लाख तक फौजी हैं। मयो हिन का कहना है कि सेना को जो नुकसान हुआ है, उन जगहों को भरने के लिए नई भर्ती करने में वह नाकाम रही है। सेना में आखिरी भर्ती फरवरी 2021 में हुए सैनिक तख्ता पलट से पहले हुई थी। फिलहाल सेना के कई बटालियन अपनी पूरी क्षमता के बिना काम कर रहे हैँ।

मयो हिन ने लिखा है- ‘सेना में फौजियों की कमी को पूरा करने के लिए सैनिक शासकों ने नौसैनिकों और वायु सैनिकों की मदद गृह युद्ध में ली है। इसके अलावा सहायक दस्तों की मदद ली गई है। फिलहाल म्यांमार के सशस्त्र सेनाओं में डेढ़ लाख जवान ही मौजूद हैं।’

उधर बैंकाक स्थित विश्लेषक और म्यांमार की सुरक्षा स्थिति के विशेषज्ञ एंथनी डेविस ने अनुमान लगाया है कि म्यांमार की पैदल सेना में एक लाख से एक लाख 20 हजार तक जवान और अधिकारी हैं। उन्होंने कहा है- ‘मैं इस बात से सहमत हूं कि पहले म्यांमार की सेना के आकार को लेकर जो अनुमान लगाए गए थे, उनमें संख्या को बढ़ा-चढ़ा कर बताया गया था।’

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