‘पुरुष शादीशुदा है, ये जानते हुए संबंध बनाना रेप या धोखाधड़ी नहीं’, हाई कोर्ट ने खारिज की महिला की अपील

बिलासपुर : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रेप-धोखाधड़ी के मामले में दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट का कहना है कि अगर किसी महिला को पहले से पता है कि मर्द शादीशुदा है और फिर भी वह उसके साथ संबंध बनाती है तो पुरुष के खिलाफ रेप या फिर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने या धोखाधड़ी का मामला नहीं बनता. ये फैसला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की जस्टिस संजय एस अग्रवाल की बेंच ने सुनाया है.

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इस टिप्पणी के साथ निचली अदालत से आरोपी को बरी करने के फैसले को बरकरार रखा है साथ ही महिला की अपील को खरीज कर दिया है. बता दें कि इस मामले में अपने केस की पैरवी महिला खुद कर रही थी. दरअसल इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि महिला के दावों में कई जगह पर विरोधाभास थे.

महिला पहले से जानती थी

रिकॉर्ड की बात करे तो महिला की ओर दिए गए पहले नोटिस और पुलिस शिकायत में शादी की निश्चित तारीख का जिक्र नहीं किया गया है. इस नोटिस में केवल ये कहा गया है कि आरोपी ने शादी के बहाने मई से सितंबर 2008 के बीच शारीरिक संबंध बनाए. इतना ही महिला द्वारा दिए गए नोटिस में ये भी साफ किया गया है कि वह पहले से जानती थी कि पुरुष शादीशुदा है.

क्या है पूरा मामला

दरअसल ये पूरा मामला डोंगरगढ़ का है. यहां की एक महिला ने दावा किया है कि महेश के साथ उसने शादी का इकरार नाम तैयार किया गया था. जिसके बाद महिला उसके साथ रहने लगी और इस दौरान उसके बीच शारीरिक संबंध भी बने. इतना ही महिला का आरोप है कि उसने महेश के ऊपर 85 हजार खर्च किए लेकिन जब पैसे मांगे तो पैसे देने से इंकार कर दिया और उसे घर से निकाल दिया.

हाईकोर्ट ने किया आरोपों को खारीज

इसके बाद महिला ने महेश पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया. इस मामले में निचली आदताल ने महिला के आरोपों को खारिज करते हुए महेश के पक्ष में फैसला सुनाया था. जिसके बाद महिला निचली अदालत के फैसले को चुनौती देती हुई हाईकोर्ट पहुंची थी. इस मामले में हाईकोर्ट ने महेश पर लगे आरोपों को खारिज कर दिया है.

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