ग्रीन केयर सोसाइटी इंडिया ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी सप्ताह 2023 का किया शुभारंभ

गीदम/दंतेवाड़ा : राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस हर साल 11 मई को मनाया जाता है। यह दिन रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन द्वारा 11 मई, 1998 को राजस्थान के पोखरण में किए गए भारत के सफल परमाणु परीक्षणों की याद में मनाया जाता है। पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ एपीजे अब्दुल कलाम, जिन्हें ‘भारत के मिसाइल मैन’ के रूप में जाना जाता है, उन्हों ने पोखरण परमाणु परीक्षणों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पूर्व भारतीय प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान को पहचानने के लिए गढ़ा गया था।  प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) राष्ट्रीय विकास में योगदान देने वाले तकनीकी नवाचारों का सम्मान करके इस दिन को मनाता है।

25वें एनटीडी की थीम है “स्कूल टू स्टार्टअप्स – इग्नाइटिंग यंग माइंड्स टू इनोवेट”

इंडियन साइंस कांग्रेस एसोसिएशन मिनिस्ट्री ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, भारत सरकार के विशेषज्ञ अमुजुरी बिश्वनाथ ने कहा कि इस साल 25वें राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2023 की थीम ‘स्कूल टू स्टार्टअप्स-इग्नाइटिंग यंग माइंड्स टू इनोवेट’ है। देश भर में 11 से 17 मई 2023 तक हाइब्रिड मोड के माध्यम से सम्मेलन, प्रतियोगिताऐं, प्रौद्योगिकी प्रदर्शन और पुरस्कारों के रूप में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है।

यह कार्यक्रम ग्रीन केयर सोसाइटी इंडिया द्वारा इंडियन साइंस कांग्रेस एसोसिएशन, डॉ एपीजे अब्दुल कलाम इंटरनेशनल फाउंडेशन, आस्था विद्या मंदिर जवांगा दंतेवाड़ा, नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर साइंटिस्ट, डॉ एपीजे अब्दुल कलाम नेशनल काउंसिल ऑफ यंग साइंटिस्ट, रमन साइंस एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन, इग्नाइटिंग ड्रीम्स ऑफ यंग माइंड्स फाउंडेशन इंडिया के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।

देश भर में 11 से 17 मई  तक सम्मेलन, प्रतियोगिताएं, प्रौद्योगिकी शो एवं पुरस्कार का आयोजन

स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों और अन्य गैर सरकारी संगठनों ने छात्रों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी में रुचि लेने के लिए प्रेरित करने और प्रेरित करने के लिए कार्यक्रमों, सेमिनारों और कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है। ग्रीन केयर सोसाइटी इंडिया के निदेशक अमुजुरी बिश्वनाथ ने यह भी कहा कि भारत को उत्पादों के हाई-टेक निर्यात में 17वीं रैंक मिली है और विश्व बौद्धिक संपदा संगठन ने ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स जारी किया है, जहां दुनिया में भारत 40वीं रैंक प्राप्त किया है।

भारत 2022 में नवाचार इनपुट की तुलना में 2023 में नवाचार आउटपुट में बेहतर प्रदर्शन करता है। 21वीं सदी में, वैज्ञानिक और इंजीनियर देश को विकास के पथ पर अग्रसर कर रहे हैं। यह वह तकनीक है जिसने वैश्विक मंचों पर देश की स्थिति में सुधार किया है। भारत अंतरिक्ष अनुसंधान, रक्षा प्रौद्योगिकी, कृषि, स्वास्थ्य देखभाल और संचार सहित विभिन्न क्षेत्रों में तकनीकी प्रगति दिखाता है।

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