भारत-रूस के रिश्तों पर बोले अमेरिका के पूर्व रक्षा मंत्री, कहा- हमें धैर्य दिखाना होगा

नई दिल्ली : अमेरिका के पूर्व रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने भारत-अमेरिका शिखर सम्मेलन के दौरान भारत और रूस के रिश्तों पर टिप्पणी की है। यह आयोजन कांग्रेसनल इंडिया कॉकस के सह-अध्यक्ष रो खन्ना की ओर से आयोजित किया गया था।
पूर्व अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा- भारत सही दिशा में बढ़ रहा हमें धैर्य दिखाना होगा
अमेरिका के पूर्व रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने कहा कि दिल्ली ने यूक्रेन पर मास्को के हमले का समर्थन नहीं किया है, ऐसे में भारत और रूस के रिश्ते के बीच अमेरिका को रणनीतिक धैर्य दिखाना होगा।उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच रक्षा संबंध मजबूत हुए हैं और तेजी से आगे भी बढ़ रहे हैं। जिम मैटिस ने कहा- “हमें धैर्य दिखाना होगा। वे (भारतीय) सही दिशा में बढ़ रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि भारत सरकार ने यूक्रेन पर रूस के हमले का समर्थन नहीं किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मुद्दे पर बहुत स्पष्ट रहे हैं। भारत को जो आखिरी काम करना है वह यह है कि रूस और चीन की करीबी को देखते हुए उसे रणनीति बनानी होगी। रूस के साथ भारत का संबंध अमेरिका के लिए चिंता की बात नहीं है।
मैटिस बोले- चीन भारत को धमकाने की कोशिश करता रहता है
मैटिस का कहना है कि अन्य क्वाड देशों के विपरित भारत ने अभी तक यूक्रेन पर रूसी हमलों की निंदा नहीं की है। भारत रूसी आक्रमण पर संयुक्त राष्ट्र के मंचों पर वोटों से दूर रहा है। भारत यूक्रेन में कूटनीति और बातचीत के माध्यम से युद्ध को रोकने की मांग कर रहा है। मैटिस का मानना है कि रूस के प्रभाव क्षेत्र से भारत बाहर निकल रहा है। यह समय भारत पर व्याख्यान देने का नहीं बल्कि उनके साथ मिलकर काम करने का है। एक तरफ जहां भारत के पास पड़ोसी राष्ट्र के रूप में कट्टरपथी परमाणु हथियार वाला पाकिस्तान है तो वहीं दूसरी तरफ चीन है जो भारत को धमकाने की कोशिश करता रहता है।
भारत पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरतः मैटिस
मैटिस ने कहा, “राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद इस समय महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों के संबंध में एक प्रयास कर रहा है। भारत एक ऐसी जगह है जिस पर हमें ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है। यहां हमारे पास बहुत कुछ करने के अवसर हैं। कुछ चीजें हैं जिसे हम चुनौतियों को कम करने के लिए कर सकते हैं। सामूहिक रूप से यही हमें एक मजबूत नींव प्रदान करेगा।”