नई दिल्ली: महाराष्ट्र के बारामती में बुधवार सुबह उपमुख्यमंत्री अजित पवार का विमान लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया। इस हादसे में अजित पवार समेत सभी लोगों की मौत हो गई। विमानन महानिदेशालय DGCA ने भी विमान हादसे में अजित पवार समेत सभी लोगों की मौत की पुष्टि की है। हालांकि, अजित पवार के प्लेन क्रैश की असल वजह जांच के बाद ही सामने आ पाएगी। इसके लिए दिल्ली से AAIB की टीम जांच करने जा रही है।
शुरुआती रिपोर्टों में तकनीकी खामी की बात सामने आई है।यह कहा जा रहा है कि पायलट ने संकरे रनवे पर उतरने के लिए इमरजेंसी लैंडिंग की इजाजत मांगी थी। मगर, विमान का नोज रनवे पर टकरा गया। यूरोपियन ट्रांसपोर्ट सेफ्टी काउंसिल की एक रिपोर्ट के अनुसार, पूरी दुनिया में 90 प्रतिशत प्लेन क्रैश की बड़ी वजह टेक्निकल फाल्ट होते हैं। साथ ही खराब मौसम भी प्लेन क्रैश का जिम्मेदार हो सकता है।
सबसे ज्यादा प्लेन क्रैश लैंडिंग और टेकऑफ के दौरान
एविएशन सेफ्टी के अनुसार, सबसे ज्यादा विमान हादसे टेक ऑफ के दौरान और फिर लैंडिंग के दौरान होते हैं। 2023 में 109 ऐसी दुर्घटनाएं हुई थीं, जिनमें से 37 टेकऑफ और 30 लैंडिंग के दौरान हुई थीं। बीते साल एयर इंडिया विमान हादसा भी टेकऑफ के दौरान ही हुआ था। नवभारत टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, बीते 7 साल में हर साल औसतन 200 विमान हादसे हुए हैं। दरअसल, टेकऑफ या लैंडिंग के दौरान ही अक्सर इंजन फेल हो जाते हैं। यह तकनीकी खामी के चलते होती है।