दंतेवाड़ा में राष्ट्रीय बाल विज्ञान कॉन्ग्रेस का जिला स्तरीय ओरिएंटेशन कार्यशाला आयोजित

वर्ष 2023 हेतु एन.सी.एस.टी.सी ने "स्वास्थ्य और कल्याण के लिए पारिस्थितिकी तंत्र को समझना" विषय किया चयन

दंतेवाड़ा : नेशनल काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी कम्युनिकेशन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा 31वीं राष्ट्रीय बाल दिवस कांग्रेस 2023 हेतु “स्वास्थ्य और कल्याण के लिए पारिस्थितिकी तंत्र को समझना” विषय वस्तु चयनित किया गया। राज्य स्तर पर छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद एवं स्कूल शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन रायपुर द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया जा रहा है। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस अंतर्गत जिला शिक्षा अधिकारी दन्तेवाड़ा प्रमोद ठाकुर के मार्गदर्शन पर जिला स्तरीय ओरियंटेशन कार्यशाला स्वामी आत्मानंद हिन्दी शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, दन्तेवाड़ा में आयोजित किया गया।

राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस जिला समन्वयक बीबी चक्रवर्ती ने जानकारी दी है कि बच्चों में वैज्ञानिक तथा रीसर्च दृष्टिकोण विकसित करने हेतु प्रोजेक्ट के माध्यम से यह प्रतियोगिता आयोजित किया जाता है। 10 से 14 वर्ष आयु एवं 14 से 17 वर्ष आयु बच्चों के लिए जूनियर एवं सीनियर दो वर्ग में हर विद्यालय से चार समूह दल के रूप में पंजीयन किया जाना है। तकनीकी विशेषज्ञ के रूप में दंतेश्वरी शासकीय पीजी महाविद्यालय, दंतेवाड़ा से वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रमुख प्रोफेसर राजीव पाणिग्रही, मनोविज्ञान विभाग के प्रमुख डॉ दिनेश लहरी, जंतु विज्ञान विभाग के सहायक प्रोफेसर दुष्यंत तरम ने रीसर्च मेथोडोलॉजी, प्रोजेक्ट मेकिंग, प्रश्नोत्तरी, ईको सिस्टम, वैज्ञानिक तथा तकनीकी विषय पर संक्षिप्त रूप से जानकारी दी।

भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के भारतीय विज्ञान कांग्रेस संस्था के विशेषज्ञ तथा व्याख्यता अमुजुरी विश्वनाथ ने राष्ट्रिय बाल विज्ञान कांग्रेस के अंतर्गत प्रॉजेक्ट विकास गतिविधियों पर रीसर्च एवं प्रश्नोत्तरी के माध्यम से चर्चा किया। समस्याओं का समाधान बच्चें अपने नवाचार आइडिया उल्लेख करने से उसे प्रोत्साहन कर समाज हित में लाने का शिक्षक का सहयोग जरूरी है। कार्यक्रम का मंच संचालन एनसीएससी जिला सहायक समन्वयक राजेंद्र प्रसाद साहू ने सुचारू रूप से निभाया। कार्यशाला में भौतिक विज्ञान व्याख्यता पार्थ सरकार, दंतेवाड़ा जिले के चारों विकासखंडों से शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के शिक्षक शिक्षिका उपस्थित थे।

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