लोकसभा में महुआ पर आचार समिति की रिपोर्ट पर चर्चा, विपक्षियों ने मांगा समय

नई दिल्ली : संसद के शीतकालीन सत्र का आज पांचवा दिन है, लोकसभा की कार्यवाही फिर से शुरू हो गई है। इससे पहले महुआ मोइत्रा मामले में आचार समिति की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी गई। इसमें महुआ की लोकसभा सदस्यता छीनने की सिफारिश की गई है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, ‘हम शुद्ध अंत:करण, ईमानदारी से इन दायित्व को पूरा करें ताकि हमारी व्यवहार से किसी को किसी प्रकार का कष्ट न हो, हमारे कार्य से किसी को संदेह न हो, हमारा आचरण ऐसा न हो जिससे सदन की उच्च मर्यादा और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचे। हम सभी का यह सामूहिक और सर्वोच्च दायित्व है।
मैं समझता हूं कि हम सब यहां पर जिस बात पर विचार करने जा रहे हैं, वह हम सभी के लिए है। हम सहानुभूति, संवेदना के साथ उस पर विचार कर रहे हैं। हमारी कोशिश रहती है कि किसी को भी सदन से निलंबित न करूं या कार्रवाई न करूं। सभी को पर्याप्त और अवसर मिले, यह कोशिश रही। कुछ कठोर निर्णय भी करने पड़े तो सदन की मर्यादा के लिए करने पड़े। ऐसी परिस्थिति में हम सभी को इस सदन के गौरव, सम्मान, नैतिकता और अस्मिता को अक्षुण्ण रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।’
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आगे कहा कि जनता के बीच विश्वसनीयता बढ़ी है। जनता ने इसलिए चुनकर भेजा है ताकि हम उनके कल्याण, आकांक्षाओं और आशाओं को पूरा कर सकें। लेकिन लोकतंत्र की इस गौरवशाली यात्रा में समय-समय पर ऐसे अवसर भी आए हैं, जब हमने सदन की गरिमा और प्रतिष्ठा और उच्च मापदंडों को बनाए रखने के लिए निर्णय भी किए हैं। इसमें किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।
आचार समिति की सिफारिश को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया: सुदीप बंदोपाध्याय
लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने पार्टी सांसद महुआ मोइत्रा को निष्कासित करने की आचार समिति की सिफारिश को शुक्रवार को ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ करार दिया और दावा किया कि इसका उद्देश्य उन्हें अदाणी समूह के खिलाफ मुद्दे उठाने से रोकना है। बंदोपाध्याय ने कहा कि उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ अकेले में बैठक की, जिन्होंने उन्हें सूचित किया कि रिपोर्ट को एक प्रस्ताव के साथ पेश किया जाएगा।
कम से कम 48 घंटे का समय देने का आग्रह: कल्याण बनर्जी
तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर उनसे पार्टी सांसद महुआ मोइत्रा के निष्कासन की सिफारिश करने वाली आचार समिति की रिपोर्ट पढ़ने के लिए कम से कम 48 घंटे का समय देने का आग्रह किया है।