रायपुर. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल के तहत बहुप्रतीक्षित दल्लीराजहरा–रावघाट नई रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत एक और बड़ा मील का पत्थर हासिल कर लिया गया है. परियोजना के ताड़ोकी–रावघाट सिंगल लाइन विद्युतीकृत ब्रॉडगेज सेक्शन का रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस), दक्षिण पूर्व परिमण्डल, कोलकाता, सुमीत सिंघल ने विधिवत निरीक्षण किया.
सीआरएस स्पेशल ट्रेन से हुआ स्पीड ट्रायल
निर्धारित कार्यक्रम के तहत मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को सीआरएस सुमीत सिंघल ने स्पेशल ट्रेन से ताड़ोकी से रावघाट सेक्शन का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने रेलखंड पर गति परीक्षण (स्पीड ट्रायल) भी संपन्न किया. निरीक्षण के दौरान रेल लाइन, पुल-पुलियों, विद्युतीकरण, सिग्नलिंग और अन्य तकनीकी व संरक्षा व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की गई.
इस अवसर पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) मुख्यालय बिलासपुर श्री मुदित भटनागर, रायपुर रेल मंडल के डीआरएम श्री दयानंद, तथा रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) के वरिष्ठ अधिकारी सरोज कांता पात्रा (पीईडी ईस्ट), भावेश पांडे (सीपीएम/रायपुर) और कन्हैया गोयल (एजीएम/रायपुर) सहित अन्य प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे.
अंतिम चरण में पहुंची परियोजना, जल्द मिलेगी सौगात
रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा किया गया यह निरीक्षण और गति परीक्षण नई रेल लाइन के कमिश्नर/कमिशिनिंग की दिशा में एक अनिवार्य और अंतिम चरण की प्रक्रिया है. वर्तमान में दल्लीराजहरा से ताड़ोकी तक यात्री ट्रेनें संचालित हो रही हैं. इस नए सेक्शन के जुड़ने से रावघाट तक रेल संपर्क का दायरा और बढ़ जाएगा.
क्षेत्रीय विकास को मिलेगा नया आयाम
ताड़ोकी–रावघाट सेक्शन में ट्रेन परिचालन शुरू होने से इस अंचल की रेल कनेक्टिविटी को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी. स्थानीय नागरिकों को सफर के लिए एक बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प मिलेगा. कृषि उत्पादों और स्थानीय व्यापारिक वस्तुओं के परिवहन में सुगमता आएगी, जिससे निवेश और आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा. ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्र मुख्य रेल नेटवर्क से जुड़ेंगे, जिससे नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर सुलभ होंगे.