फर्जी निवास प्रमाण पत्र से सीआरपीएफ में भर्ती हुआ जवान गिरफ्तार, बलरामपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

बलरामपुर : जिले में फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी नौकरी हासिल करने का बड़ा मामला सामने आया है. पुलिस ने सीआरपीएफ के एक बर्खास्त आरक्षक को गिरफ्तार किया है, जिसने कूटरचित निवास प्रमाण पत्र बनवाकर नौकरी प्राप्त की थी. आरोपी सुमित सिंह ने ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल का दुरुपयोग कर दूसरे व्यक्ति के दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर फर्जी प्रमाण पत्र तैयार किया था. खुलासा होने के बाद विभागीय जांच में दस्तावेज फर्जी पाए गए, जिसके बाद उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया. मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल का दुरुपयोग कर किया फर्जीवाड़ा
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सुमित सिंह ने शातिर तरीके से ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल का इस्तेमाल करते हुए फर्जी निवास प्रमाण पत्र तैयार कराया. आरोप है कि उसने विशाल सोनी नामक व्यक्ति के शैक्षणिक और अन्य दस्तावेजों में छेड़छाड़ की और अपने नाम से बलरामपुर का निवासी होने का झूठा प्रमाण पत्र बनवाया.
फर्जी दस्तावेज के आधार पर हासिल की सरकारी नौकरी
इसी कूटरचित निवास प्रमाण पत्र के आधार पर सुमित सिंह ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में आरक्षक पद पर भर्ती हासिल की. हालांकि, बाद में दस्तावेजों की जांच के दौरान इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ. विभागीय जांच में प्रमाण पत्र को गलत पाया गया, जिसके बाद आरोपी को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया.
तहसीलदार की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
इस पूरे मामले की शिकायत संबंधित तहसीलदार द्वारा की गई थी. लिखित शिकायत के आधार पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की. जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
आईटी एक्ट और BNS के तहत कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया है. पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि यह संगठित फर्जीवाड़ा हो सकता है और इसमें कई लोग शामिल हो सकते हैं. जांच इस बात पर भी की जा रही है कि क्या आरोपी इसी तरह के अन्य मामलों में भी शामिल रहा है.