अडानी के साथ केंद्र के रिश्तों को लेकर कांग्रेस ने साधा निशाना, कहा ‘हम अडानी के हैं कौन’

रायपुर: राजधानी रायपुर के कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में शुक्रवार को कांग्रेस नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और केंद्र सरकार के खिलाफ कई आरोप लगाए। कांग्रेस नेताओं ने अडानी के साथ केंद्र के रिश्तों को लेकर निशाना साधते हुए कहा ‘हम अडानी के हैं कौन’ और ‘क्या हुआ तेरा वादा’। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व केंद्रीय मंत्री भक्त चरण दास और पीसीसी प्रमुख मोहन मरकाम समेत अन्य कांग्रेस नेता उपस्थित रहे।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता भक्त चरण दास ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘हम अडानी के हैं कौन?’, इस मुद्दे पर आज चर्चा होगी। उन्होंने PM नरेन्द्र मोदी और गौतम अडानी के बीच गहरे मित्रतापूर्ण संबंधों और उन्हें डायरेक्ट फायदा पहुंचाने को लेकर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मोदी ने 2014 में लोगों को बड़े-बड़े सपने दिखाए, लेकिन नोटबंदी, जीएसटी, महंगाई और कोविड-19 के दौरान की अव्यवस्था ने आम लोगों को त्रस्त कर दिया। पिछले 14 सालों में भारतीय कंपनियों और कई लोगों स्विस बैंक में सर्वाधिक काला पैसा जमा हो गया है, जो लगभग 3.83 बिलियन डॉलर है।

कांग्रेस नेता भक्त चरण दास ने आगे आरोप लगाया कि PM नरेंद्र मोदी केंद्रीय एजेंसियों ED, CBI की मदद से अडानी के बिजनेस में प्रतिस्पर्धा करने वाले अन्य उद्योगपतियों को डराते हैं। उन्हें पीछे हटने पर मजबूर करते हैं और अडानी के लिए व्यापार का रास्ता साफ करते हैं। कांग्रेस नेता भक्त चरण ने कहा कि 1992 में हर्षद मेहता मामले में केंद्र सरकार ने JPC (जॉइंट पार्लियामेंट कमेटी) का गठन किया था। इसके बाद केतन पारेख मामले में भी कमेटी का गठन किया गया। अब जब अडानी ग्रुप के शेयरों को लेकर लगातार हेरफेर सामने आ रहा है, तो उनके खिलाफ अब तक यह कमेटी क्यों नहीं बनी है? जबकि 19 जुलाई 2021 को वित्त मंत्रालय ने भी इसे स्वीकार किया है। उसके बावजूद कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।

पूर्व मंत्री ने कहा कि LIC द्वारा 30 दिसंबर 2022 को खरीदे गए शेयरों का मूल्य 83 हजार करोड़ रुपए था, जो 15 फरवरी 2023 आते-आते गिरकर 39 हजार करोड़ रुपए का रह गया। स्पष्ट है कि LIC के निवेश में 44 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हो गया। इस नुकसान की जांच करना छोड़ केंद्र सरकार लगातार अडानी ग्रुप को लाभ के अवसर देने में लगी हुई है। मुंबई एयरपोर्ट समेत प्रमुख कार्गो बंदरगाह का ठेका उन्हें मिला हुआ है।

एक ही व्यक्ति के हाथ में देश की इतनी संपदा देना चिंताजनक : कांग्रेस

उन्होंने कहा कि 2019 में अडानी ग्रुप के पास केवल 6 एयरपोर्ट का टेंडर था, जो 2021 में 13 हो गया है। मुंबई जैसे महत्वपूर्ण एयरपोर्ट को भी अडानी ग्रुप को सौंप दिया गया है। देश के प्रमुख बंदरगाह का संचालन अडानी ग्रुप कर रहा है। इस कंपनी के अंतर्गत देश के 30% बंदरगाह और इन बंदरगाहों से सामानों के लगभग 40% कंटेनर आते हैं। एक ही व्यक्ति के हाथों में देश की इतनी बड़ी संपदा को देना बहुत ही चिंताजनक है।वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आने वाले समय में 50 हवाई अड्डे, हेलीपैड को पुनर्जीवित करने की बात कही है, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि इनमें से कितनों को अडानी ग्रुप को दिया जाएगा।

कांग्रेस नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के बीच में एक फोटो का हवाला देते हुए कहा कि यह अडानी और नरेंद्र मोदी के एक साथ विदेश यात्रा करने की तस्वीर है। PM के इजरायल दौरे में गौतम अडानी को रक्षा क्षेत्र में एक बड़ा लाभ दिया गया, जबकि इस कंपनी को डिफेंस सेक्टर में अनुभव भी नहीं है। उसके बावजूद ड्रोन, छोटे हथियार, इलेक्ट्रॉनिक्स और विमान के रखरखाव जैसे काम सौंपे गए। इसी प्रकार विद्युत क्षेत्र में सन 2010 में UPA सरकार ने NTPC को बांग्लादेश में 1320 मेगावॉट का थर्मल पावर प्लांट लगाने का समझौता किया। जिसे जून 2015 में बांग्लादेश को बिजली देने का काम झारखंड में प्लांट लगाकर अडानी को सौंपा गया। भक्त चरण दास ने कहा कि देश की अधिकतर संपत्ति अडानी ग्रुप के भरोसे है। यदि उसके बिजनेस या शेयरों को नुकसान होता है, तो देश की आर्थिक स्थिति भी नीचे आ जाएगी।

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