कुम्हारी टोल प्लाज़ा पर कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन: ‘गब्बर सिंह टैक्स’ बताकर बीजेपी पर हमला, अधिकारियों को भेंट किया ‘बेशर्म का फूल’

रायपुर। कांग्रेस ने कुम्हारी टोल प्लाज़ा में कथित अवैध वसूली के खिलाफ अनोखे अंदाज़ में प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता और आमजन आज टोल प्लाज़ा पहुंचे और बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला। इस प्रदर्शन को उन्होंने नाम दिया — ‘गब्बर सिंह टैक्स वसूली’, और टोल प्लाज़ा के अधिकारियों और कर्मचारियों को ‘बेशर्म का फूल’ भेंट कर विरोध जताया, जबकि आम नागरिकों को गुलाब का फूल देकर समर्थन मांगा।

गर्मी और धूप के बावजूद प्रदर्शन करीब दो घंटे चला, जिसमें चक्का जाम जैसी स्थिति भी बनी रही। उपाध्याय ने कहा कि टोल प्लाज़ा की अवधि समाप्त होने के बावजूद अब भी वसूली की जा रही है। रायपुर और दुर्ग-भिलाई के स्थानीय वाहनों को छूट देने का वादा किया गया था, लेकिन फास्टटैग सिस्टम के कारण इनके खातों से भी पैसा कट रहा है।

केंद्र सरकार पर जमकर साधा निशाना

विकास उपाध्याय ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार इस टोल के जरिए जनता की जेबें काट रही है। उन्होंने दावा किया कि बार-बार टेंडर निकालकर इस टोल की अवधि को अनियमित रूप से बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस संबंध में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर चर्चा के लिए समय मांगा था, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला।

“अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ेंगे”

कांग्रेस नेता ने कहा कि जब तक कुम्हारी टोल प्लाज़ा को हटाया नहीं जाता, पार्टी चरणबद्ध आंदोलन करती रहेगी। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले एनएचएआई कार्यालय जाकर इस मुद्दे पर चर्चा की गई थी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने ऐलान किया कि अब कांग्रेस दिल्ली में भी प्रदर्शन करेगी।

60 किमी के दायरे का नियम भी ताक पर

उपाध्याय ने नितिन गडकरी के 19 मार्च 2021 के बयान का हवाला देते हुए कहा कि मंत्री ने लोकसभा में घोषणा की थी कि जल्द ही देशभर में टोल नाकों को हटाकर जीपीएस आधारित टैक्स लिया जाएगा और 60 किलोमीटर के दायरे में सिर्फ एक टोल संचालित होगा। लेकिन छत्तीसगढ़ में यह नियम भी निरंतर टूट रहा है, क्योंकि दुर्ग, राजनांदगांव, मंदिर हसौद और कुम्हारी टोल के बीच की दूरी इस नियम का उल्लंघन साबित करती है।

“जनता की जेबों पर डाका डाल रही सरकार”

विकास उपाध्याय ने कहा कि केंद्र सरकार सड़कों का निर्माण कर रही है, लेकिन साथ ही जनता की जेबों पर सीधा डाका भी डाल रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब वाहन खरीदते समय जनता रोड टैक्स दे रही है, तो फिर अलग से टोल टैक्स वसूलना कितना उचित है? उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 20 से अधिक टोल प्लाज़ा संचालित हैं, और महंगाई के इस दौर में सरकार को जनता को राहत देने की दिशा में काम करना चाहिए — न कि उन्हें और आर्थिक बोझ में डालना चाहिए।

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