मुख्यमंत्री साय ने गंभीर किडनी रोगी के उपचार हेतु 3.95 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की, मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से मरीज को मिली बड़ी राहत

सीएम कैंप कार्यालय बगिया में आवेदन के बाद त्वरित कार्रवाई, अहमदाबाद में होगा किडनी प्रत्यारोपण

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के संवेदनशील एवं जनकल्याणकारी नेतृत्व में मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत जशपुर जिले के गंभीर किडनी रोगी श्री जितेन्द्र कुमार यादव (44 वर्ष) को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री श्री साय ने उनके उपचार एवं किडनी प्रत्यारोपण के लिए 3 लाख 95 हजार 121 रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जशपुर निवासी श्री जितेन्द्र कुमार यादव गंभीर किडनी रोग से पीड़ित हैं और उन्हें रेनल ट्रांसप्लांट (किडनी प्रत्यारोपण) की आवश्यकता है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उनके परिवार को उपचार कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इस बीच मरीज के परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के गृह निवास बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय पहुंचकर आर्थिक सहायता के लिए आवेदन प्रस्तुत किया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने त्वरित संज्ञान लिया और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत सहायता राशि स्वीकृत करने के निर्देश दिए। राज्य नोडल एजेंसी द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह राशि अहमदाबाद (गुजरात) स्थित जी.आर. दोशी एवं के.एम. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी एंड रिसर्च सेंटर में किडनी प्रत्यारोपण, उपचार तथा आवश्यक दवाइयों के लिए मंजूर की गई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य सरकार गंभीर एवं आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि जीवनरक्षक उपचार के अभाव में किसी भी परिवार को कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृत इस सहायता से मरीज एवं उनके परिजनों को बड़ी राहत मिली है। परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहायता से अब आवश्यक उपचार संभव हो सकेगा। यह पहल राज्य सरकार की संवेदनशीलता, मानवीय दृष्टिकोण और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।

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