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छत्तीसगढ़ में पुरानी पेंशन स्कीम की ओर बढ़ा कर्मचारियों का रूझान, 2.91 लाख ने एनपीएस की जगह ओपीएस चुना

Chhattisgarh March 21, 2026 रिपोर्टर: shailesh
छत्तीसगढ़ में पुरानी पेंशन स्कीम की ओर बढ़ा कर्मचारियों का रूझान, 2.91 लाख ने एनपीएस की जगह ओपीएस चुना

छत्तीसगढ़ में पुरानी पेंशन स्कीम की ओर बढ़ा कर्मचारियों का रूझान, 2.91 लाख ने एनपीएस की जगह ओपीएस चुना

रायपुर : छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच पुरानी पेंशन स्कीम को लेकर रूझान बढ़ रहा है. कर्मचारी नई पेंशन स्कीम की जगह ओल्ड पेंशन स्कीम की ओर बढ़ रहे हैं. विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक 2 लाख 91 हजार 797 कर्मचारियों ने एनपीएस की जगह ओपीएस को चुना है.

विधायक पुन्नूलाल मोहले ने उठाया मुद्दा

बीजेपी विधायक पुन्नूलाल मोहले ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के आखिरी दिन यानी शुक्रवार (20 मार्च) को पेंशन का मुद्दा उठाया. उन्होंने सदन में सवाल पूछा कि साल 2004 के बाद से कितने कर्मचारियों ने ओपीएस का चयन किया है. उनकी पेंशन व्यवस्था किस तरह से संचालित हो रही है.

वित्त मंत्री ने सदन में दी जानकारी

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सदन में जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार ने साल 2004 में एनपीएस को लागू किया था. इसके बाद साल 2022 में ओपीएस को फिर से लागू किया गया. उन्होंने बताया कि 1 नवंबर 2004 से पहले कर्मचारी ओपीएस के तहत आते थे. इसके बाद कर्मचारियों को दोनों विकल्प दिया गया.

एनपीएस तहत क्या है व्यवस्था?

एनपीएस के तहत कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों का योगदान होता है. इस व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को अपने वेतन का 10 फीसदी और नियोक्ता को 14 फीसदी का योगदान देना होता है. ओपीएस में 10 प्रतिशत की वेतन से कटौती होती है जो रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को दी जाती है.

उन्होंने आगे बताया कि 15 फरवरी 2026 तक पेंशन निधि में 1068 करोड़ रुपये जमा किए जा चुके हैं. इससे कुल 1120 करोड़ का फंड तैयार हो गया है. वित्त मंत्री ने ये बताया कि यदि किसी वित्तीय वर्ष में पेंशन व्यय 20 प्रतिशत से ज्यादा हो जाता है तो अतिरिक्त भुगतान इसी निधि से किया जाता है.

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