CG : ‘गलत नजर से देखने के साथ गंदी डिमांड करते हैं…प्लीज मुझे सुसाइड करने दें’ महिला आरक्षक ने कलेक्टर से मांगी परमिशन

कांकेर। पुलिस अधीक्षक कार्यालय कांकेर में पदस्थ एक महिला पुलिसकर्मी ने विभाग पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है. वहीं प्रताड़ना से तंग आकर महिला पुलिसकर्मी ने 19 मई को कलेक्टर कार्यालय कांकेर के सामने आत्मदाह करने की कलेक्टर से अनुमति मांगी है. महिला पुलिसकर्मी ने न्याय की मांग करते हुए दोषियों पर कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण परेशान होकर आत्मदाह करने की बात कही है.
पुलिस अधीक्षक कार्यालय कांकेर महिला प्रकोष्ठ में पदस्थ महिला आरक्षक ने पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है. महिला आरक्षक ने बताया कि विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा महिला होने के कारण गलत नीयत से शोषण किया जाता है. फिर अधिकारियों के नीयत पूरी नहीं करने पर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है.
अश्लील वीडियो दिखाने का आरोप
वर्ष 2020 से कोतवाली थाना में पदस्थ रहने के दौरान तत्कालिक कोतवाली थाना प्रभारी द्वारा रात में बिनी किसी महिला प्रकरण के ड्यूटी लगाकर परेशान किया जाता था. महिला आरक्षक ने बताया की ड्यूटी के दौरान अन्य पुलिस कर्मचारी द्वारा अभद्र टिप्पणी व अश्लील वीडियो दिखाने का प्रयास भी किया गया. कई बार तो पुलिसकर्मी बाथरूम तक पीछे पीछे आ जाते थे.
कोई कार्रवाई नहीं
महिला आरक्षक का कहना है कि थाना प्रभारी द्वारा की गई प्रताड़ना की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की गई. जिसमें थाना प्रभारी पर मारने का आरोप लगाते हुए विभागीय कार्रवाई की गई, लेकिन प्रताड़ना की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई.
बयान बदलने को लेकर दबाव
महिला आरक्षक का कहना है कि शिकायत किए जाने के बाद उसे पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पदस्थ किया गया लेकिन इसके बाद भी प्रताड़ना लगातार जारी है. अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पदस्थ रहने के दौरान रोजनामचा को लेकर उसे परेशान किया जा रहा है. बिना अनुपस्थिति के स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है. स्पष्टीकरण देने पर कथन दर्ज नहीं किया जा रहा है. कथन बदलने को लेकर दबाव बनाया जा रहा है.
लगातार परेशान करने का आरोप
महिला आरक्षक ने बताया की इन सभी चीजों को झेलते हुए वह अपनी ड्यूटी कर रही है लेकिन ड्यूटी के दौरान उसे लगातार विभिन्न तरीकों से परेशान किया जा रहा. जिससे तंग आकर महिला आरक्षक ने यह कदम उठाया है. महिला आरक्षक का कहना है की ऐसी परिस्थिति में काम कर पाना और जीवन यापन करना मुश्किल है. जिससे तंग आकर और विभाग के कृत्यों से हार मान कर महिला आरक्षक आत्मदाह करना चाहती है.
आरोपों पर पुलिस का कुछ भी कहने से इंकार
इस प्रताड़ना से तंग आकर 19 मई को आत्मदाह करने महिला आरक्षक ने कलेक्टर से अनुमति मांगी है. वहीं प्रताड़ना के आरोप पर पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा ने आरोपों पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है.