CG : इंडियन ऑयल कार्पोरेशन के पाइप लाइन से तेल चोरी, कंपनी के परिचालन प्रबंधक ने थाने में की शिकायत

महासमुंद। चोरी के अनसुलझे मामले बीते वर्ष भी पुलिस के लिए परेशानी का सबब बने रहे वहीं साल की शुरुआत चोरी के अपराध के मामले से हुई। तुमगांव के ग्राम बांसकुड़ा से गुजरे इंडियन ऑयल कार्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) की पेट्रोलियम उत्पाद पाइप लाइन से तेल चोरी की कंपनी के परिचालन प्रबंधक ने थाने में शिकायत की है। पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ पेट्रोलियम और खनिज पाइप लाइन अधिनियम 2011 धारा 15(2) एवं 324(4) बीएनएस के तहत जुर्म दर्ज किया है।

मिली जानकारी के अनुसार,  इंडियन ऑयल कार्पोरेशन लिमिटेड (पाइप लाइन डिवीजन), एसईआरपीएल रायपुर के परिचालन प्रबंधक दीपेंद्र कुमार साहू ने 27 दिसंबर 2024 को आईओसीएल के पारादीप रायपुर रांची पेट्रोलियम उत्पाद पाइप लाइन (पीआरआरपीएल) में हुई घुसपैठ (पीआईआई) के संबंध में जानकारी दी है। उन्होनें पुलिस को बताया कि,  यह पाइप लाइन पारादीप रिफाइनरी से शुरू होती है और बांसकुंडा गांव से होकर गुजरती है।

27 दिसंबर 2024 को पाइप लाइन में एक महत्वपूर्ण प्रेशर गिरावट का पता चला, और गहन जांच के बाद, 31 दिसंबर को चेनेज 596.670 किमी (गांव बांसकुंडा) में एक संदिग्ध पाइप लाइन घुसपैठ (पीआईआई) की पुष्टि हुई। जिसकी मैन्युअल खुदाई करने पर, मिट्टी से भरे लगभग 25 बैग पाए गए, और पाइप लाइन पर वेल्डेड पीआईआई फिटिंग के साथ एचएसडी (हाई-स्पीड डीजल) के निशान उजागर हुए। जो यह दर्शाता है कि पाइप लाइन से तेल चोरी की जा रही थी।

बहुमूल्य राष्ट्रीय संसाधन का नुकसान

इससे अनुमानित 5 लाख रुपये से अधिक का नुकसान होगा, जिसका समय आने पर आंकलन किया जा सकता है। प्रार्थी ने बताया कि अनधिकृत क्लैंप वाल्व तंत्र लगाकर तेल चोरी और पाइप लाइन से छेड़‌छाड़ करने से न केवल बहुमूल्य राष्ट्रीय संसाधन का नुकसान होता है, बल्कि ईंधन आपूर्ति श्रृंखला में रुकावट के अलावा बड़ी आग लगने, जान-माल, सार्वजनिक संपत्ति और पर्यावरण को नुकसान पहुंचने जैसी आपदाएं भी होती हैं। मामले की रिपोर्ट के बाद पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है।

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