CG – KTU के प्रोफेसर की बर्खास्तगी तय! : हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद अब यूनिवर्सिटी ने शाहिद अली को थमाया बर्खास्तगी का नोटिस

रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर की बर्खास्तगी मानी जा रही है। जनसंचार विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर शाहिद अली पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेत के आधार पर नौकरी की। इस मामले में शाहिद अली ने हाईकोर्ट का भी रास्ता अपनाया था, लेकिन वहां से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली। अब कार्यपरिषद ने एसोसिएट प्रोफेसर शाहिद अली को बर्खास्त करने का निर्णय लिया है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय ने डॉ शाहिद अली को नोटिस दे दिया है। नोटिस के तहत डॉ अली को 15 दिनों के भीतर जवाब देना होगा। इधर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट कि ओर से भी शाहिद अली को कोई राहत नहीं मिली है।

विश्वविद्यालय कार्य परिषद के सदस्य आवेश तिवारी ने बताया, डॉ. राममोहन पाठक सहित तीन सदस्यी जांच कमेटी ने डॉ. शाहिद अली के दस्तावेज फर्जी होना बताया है। कार्य परिषद की आपात बैठक में डॉ. शाहिद अली को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर अपराधिक प्रकरण दर्ज कराने का फैसला लिया गया है। कार्य परिषद के फैसले के बाद नोटिस जारी किया गया है। विवि कार्य परिषद ने फर्जी दस्तावेज के मामले में डॉ. शाहिद अली से 15 दिन के अंदर जवाब मांगा गया है। साथ ही डॉ. आशुतोष मंडावी के खिलाफ भी तत्काल कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है।

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. शाहिद अली की बर्खास्तगी को लेकर दायर याचिका पर कोर्ट में सुनवाई हुई थी। कोर्ट ने डॉ. शाहिद अली को अंतरिम राहत नहीं दिए जाने का फैसला सुनाया है। वहीं विवि कार्यपरिषद ने डॉ. शाहिद अली को बर्खास्त करने को लेकर कार्रवाई की है। साथ ही उन्हें अपना पक्ष रखने नोटिस देकर 15 दिन का समय दिया हैं। इसके साथ ABVP के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व KTU के प्रो. डॉक्टर आशुतोष मंडावी और संजय द्विवेदी के खिलाफ भी तत्काल कार्रवाई करने का आदेश दिया है। बहरहाल इस नोटिस के बाद विवि के शाहिद खेमे में हड़कंप व्याप्त हैं।

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