CG : स्कूल बस की चपेट में आने से चार वर्षीय छात्रा की मौत, बस में छुटे चप्पल को लाने जा रही थी छात्रा

धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के भखारा तहसील के ग्राम सिलौटी में सरस्वती शिशु मंदिर में चार वर्ष की मासूम बच्ची ख्याति साहू स्कूल प्रबंधन और बस चालक की लापरवाही के कारण स्कूल बस की चपेट में आकर पिछले चक्के में दब गई, जिससे उसकी मौत हो गई। भखारा थाना प्रभारी शरद ताम्रकार ने बताया कि कोई प्रकरण थाना में दर्ज नहीं किया गया है। बच्ची को धमतरी के अस्पताल ले गए थे, वहां बच्ची की मौत हुई है। जिला अस्पताल की पुलिस चौकी से डायरी आने के बाद स्कूल बस के चालक के विरुद्ध वाहन दुर्घटना से मौत का प्रकरण पंजीबद्ध किया जाएगा।

छात्रा बस से स्कूल पहुंची थी। कक्षा में जाने के बाद उसे याद आया कि चप्पल बस में ही भूल गई है, जिसे लेने वह कक्षा से निकलकर बस की तरफ आ रही थी, उसी समय दुर्घटना हो गई। जिला अस्पताल धमतरी की पुलिस चौकी से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम तर्रागोंदी थाना भखारा निवासी योगेश साहू की पुत्री ख्याति साहू चार वर्ष ग्राम सिलौटी के सरस्वती शिशु मंदिर के कक्षा अरुण में पढ़ती थी।

योगेश ने पुलिस को बताया कि शनिवार की सुबह स्कूल बस में सवार होकर वह अपने स्कूल पहुंची थी। कक्षा में पहुंचने के बाद उसे याद आया कि वह अपना चप्पल स्कूल बस में भूल गई है, इसलिए वह चप्पल लेने के लिए बस की ओर जा रही थी। उस समय चालक बस को पीछे की तरफ मोड़ रहा था। बच्ची बस के पिछले चक्के की चपेट में आकर दब गई।

घटना के बाद स्कूल के आचार्य ने बच्ची के स्वजन को सूचना दी। घायल बच्ची को लेकर उसके स्वजन धमतरी के बठेना अस्पताल पहुंचे। यहां उपचार के दौरान कुछ समय में बच्ची ने दम तोड़ दिया। बस का चालक धनेश साहू ग्राम चुलगहन थाना रानीतराई जिला दुर्ग का निवासी है। जिला अस्पताल चौकी पुलिस ने शून्य में प्रकरण पंजीबद्ध किया है।

प्रत्यक्षदशियों के अनुसार बस चालक की लापरवाही से बच्ची की जान चली गई। इस घटना में स्कूल की भी लापरवाही है। जब बस को पीछे की तरफ मोड़ा जा रहा था तो पीछे बस या स्कूल का स्टाफ क्यों नहीं था। स्टाफ रहता तो यह घटना नहीं होती। पालक के अनुसार बच्ची कक्षा तक पहुंच गई थी, उसके बाद चप्पल लेने वापस बस में जा रही थी। उसे बस में जाते समय स्कूल प्रबंधन या स्टाफ ने देखा तो रोका क्यों नहीं। यदि उस बच्ची के साथ बस तक कोई स्टाफ जाता तो यह घटना नहीं हो पाती। जब स्कूल में छोटे बच्चे पढ़ते हैं, तो बस को पीछे मोड़ने या पार्क करते समय सावधानी क्यों नहीं बरती गई।

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