आदिवासी महिला को निर्वस्त्र घुमाने का मामला: पुलिस इंस्पेक्टर निलंबित, भाजपा की महिला सांसद बेलगावी पहुंची

बंगलूरू:: कर्नाटक के बेलगावी में एक आदिवासी महिला को निर्वस्त्र घुमाने के मामले की जांच के लिए पांच नेत्रियों की समिति बनाई गई है। इस समिति में श्रीमती अपराजिता सरांगी, श्रीमती सुनीता दुग्गल, श्रीमती लॉकेट चटर्जी, श्रीमती रंजीता कोली और डॉ. श्रीमती आशा लकरा को शामिल किया गया है। ये सभी नेत्रियां आज बेलगाव एयरपोर्ट पर पहुंच चुकी है। इस मामले में लापरवाही दिखाने के लिए काकती पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर विजयकुमार सिन्नुर को निलंबित किया गया है।

क्या था मामला

कर्नाटक के बेलगवी जिले में महिला के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई थी। दरअसल महिला का बेटा एक लड़की के साथ घर छोड़कर भाग गया था, जिसकी सगाई किसी और से होने वाली थी।  इस कृत्य के बारे में पता चलने पर लड़की के परिवार के सदस्यों ने न्यू वंतामुरी गांव में उसके घर पर हमला किया, जिससे वह क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद वे उसकी मां को घसीटकर ले गए। उसे निर्वस्त्र घुमाया और बिजली के खंभे से बांधकर उसकी पिटाई कर दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। घटना के सिलसिले में सात लोगों को गिरफ्तार किया था।

भाजपा अध्यक्ष ने की कड़ी निंदा

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कांग्रेस के गैरजिम्मेदाराना व्यवहार को दर्शाता है। जब से कांग्रेस कर्नाटक की सत्ता में आई है, तब से महिलाओं के साथ जघन्य अपराधों में बढ़ोतरी हुई है।

सीएम सिद्धारमैया ने नड्डा की आलोचना की

वहीं, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बेलगावी घटना का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी.नड्डा की आलोचना की। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि कर्नाटक में भाजपा के शासनकाल में महिलाओं के खिलाफ हिंसा की कई घटनाएं देखी गईं, लेकिन नड्डा उन सबको भूल गए। वे इसका राजनीतिक लाभ लेना चाहते हैं।

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