कार्डियोलॉजिस्ट की हार्टअटैक से मौत : 16 हजार से ज्यादा दिलों की सर्जरी करने वाले 41 वर्ष के डॉक्टर की कार्डियक अरेस्ट से हुई मृत्यु

जामनगर। कहते हैं जीवन का कोई भरोसा नहीं है, मौत कभी भी आ सकती है। और पिछले कुछ समय में ऐसी कई सारी घटनाएं सामने आई हैं, जिसमें कभी क्रिकेट खेलते हुए, कभी शादी में डांस करते हुए, कभी जिम करते हुए या वाक करते हुए तो कभी ऑफिस में बैठे बैठे कई लोगों की मौत हो गई है। और मरने वाले ये लोग हर उम्र के हैं। हाल ही में ऐसा एक किस्सा भी सामने आया है जिसमे ह्रदय रोग के एक्सपर्ट डॉक्टर की हार्ट अटैक से मौत हो गई है।

शाम तक ठीक थी तबियत

इस दुःख भरी घटना में जामनगर एस.टी. स्टैंड के सामने शारदा हॉस्पिटल में सेवा दे रहे डॉ. गौरव गांधी पिछली रात तक अपने रूटीन के अनुसार मरीजों की ट्रीटमेंट में व्यस्त थे। जिसके बाद वो रात को पैलेस रोड स्थित साम्राज्य अपार्टमेंट के थर्ड फ्लोर पर अपने घर पहुंचे और हररोज़ की तरह खाना खाकर सो गए थे। सुबह 6 बजे वो बेहोशी की हालत में मिले जिसके चलते उन्हें 108 से जी.जी.हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां ह्रदयरोग के एक्सपर्ट डॉक्टर्स ने दो घंटे तक उनका इलाज किया लेकिन घर से ही काफी बेहोशी की हालत में मिले डॉ. गौरव गांधी को बचाया नहीं जा सका और उन्हें आखिरकार मृत घोषित किया गया।

गौरव गांधी अपने काम में काफी माहिर थे

गौरतलब है की 1982 में जन्मे 41 वर्ष के डॉक्टर गौरव गांधी अपने काम में काफी माहिर थे और अपने करियर के दौरान उन्होंने 16 हज़ार से ज्यादा एन्जियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी की सर्जरी की है। वो अपने पीछे पिता दिनेशचन्द्र गांधी, माता कुसुमबहन, पत्नी डॉ. देवंशी गांधी (डेंटिस्ट) और बेटी धनवी और बीटा प्रखर को रोता हुआ छोड़ गए। वैसे तो कार्डियक अरेस्ट के चलते ही डॉ. गौरव गांधी की मौत हुई है फिर भी स्पष्ट कारण जानने के लिए जी.जी. हॉस्पिटल में पोस्टमोर्टम किया गया, जिससे कार्डियक अरेस्ट के संबंध में ज्यादा स्पष्ट जानकारी मिल पाए।

पिछले कुछ समय से बढ़े हैं हार्टअटैक के मामले

कल रात तक नार्मल दिखने वाले डॉ. गौरव गाँधी के साथ जामनगर की सरकारी कोविड हॉस्पिटल के नोडल ऑफिसर और एडिशनल डीन डॉ. एस.एस.चेटर्जी द्वारा शाम को ही एक पेशेंट को लेकर बातचीत हुई थी, तब भी डॉ. गौरव गांधी हमेशा की तरह नार्मल ही थे। वहीं दूसरे दिन सुबह जब उनके कार्डियक अरेस्ट के बारे में डिटेल्स सामने आई तो जामनगर समेत पूरे सौराष्ट्र के डॉक्टर्स में दुःख का माहोल है। एक डॉक्टर्स के अनुसार कोरोना के बाद पिछले साल से हार्ट अटैक की घटनाओ में इजाफा हुआ है। 35 से 45 साल के लोगों को हार्ट अटैक आ रहे है। नेशनल IMA भी इस मामले को लेकर चिंता फैली है। क्योंकि हाल ही में 14 साल के एक बच्चे की क्रिकेट खेलते खेलते मौत हो गई थी। ऐसे ही कुछ समय पहले 3 मार्च को भी सुबह अपनी कॉलोनी में मोर्निंग वाक कर रहे 57 वर्षीय स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. संजीव चग भी गिर पड़े थे, उन्हें तुरंत ही 108 एम्बुलेंस से जी.जी.अस्पताल पहुंचाया गया था, जहां पम्पिंग समेत ट्रीटमेंट के बाद भी उनकी जान नहीं बाख पाई और डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित किया था।

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