मैनपुरी में शहीद के स्मारक पर चला बुलडोजर, अखिलेश ने कहा- शहादत का मोल नहीं समझ सकते भाजपाई

मैनपुरी। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने मैनपुरी में शहीद स्मारक पर बुलडोजर चलाने की घटना को दुखद बताया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी अब शहीदों के स्मारक पर भी बुलडोजर चलवा रही है. अखिलेश ने कहा कि मैनपुरी में करगिल के वीर शहीद मुनीश यादव के स्मारक को मिट्टी में मिलाने का जो दुस्साहस प्रशासन ने किया है, उससे देश के सैनिकों और देशप्रेमियों के बीच आक्रोश पनप रहा है.

उन्होंने कहा कि देश के मान-सम्मान के लिए जीवन न्योछावर करनेवालों की शहादत का मोल भाजपाई कभी नहीं समझ सकते हैं क्योंकि इतिहास गवाह है कि आजादी के आंदोलन में जो लोग स्वतंत्रता सेनानियों का साथ देने की बजाय औपनिवेशिक शासकों के कान-आंख बनकर रहे, वो भला बलिदान की कीमत क्या जानें. बीजेपी की सियासत शहीदों में भी भेदभाव करने लगी है.

2000 में बना था वीर शहीद मुनीश यादव का स्मारक
अखिलेश ने कहा कि ये नकारात्मक राजनीति का एक रूप है. उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी में जरा भी शर्म बची है तो मंडल से लेकर जिले स्तर के सभी बड़े अधिकारियों को तत्काल निलंबित करे और प्रतिमा-स्मारक की ससम्मान पुनर्स्थापना करे. नहीं तो हम सब मिलकर ये कार्य करेंगे. यह घटना घोर निंदनीय है. जानकारी के मुताबिक, तहसील कर्मचारियों ने शहीद के परिजनों को सूचना दिए बिना उनके स्मारक पर बुलडोजर चलवा दिया. साल 2000 में करगिल के वीर शहीद मुनीश यादव का स्मारक बना था.

क्या है पूरा मामला?
पूरा मामला मैनपुरी के थाना बेवर के गढ़िया घुटारा गांव का है. करगिल के शहीद मुनीश यादव को मरणोपरांत शौर्य चक्र प्रदान किया गया था. उनके ही स्मारक पर राजस्व टीम ने बुलडोजर चलवा दिया. शहीद मुनीश यादव के परिजनों ने मैनपुरी के डीएम अविनाश कृष्ण सिंह से इसकी शिकायत की है. शहीद के परिजनों का आरोप है कि उन्हें बिना सूचना दिए और उनकी गैर मौजूदगी में स्मारक पर बुलडोजर चलाया गया. इस दौरान स्मारक स्थल पर लेखपाल और राजस्व निरीक्षक भी मौजूद थे. उन्हीं की मौजूदगी में ये काम किया गया.

आरोप ये भी है लेखपाल हर्ष कुमार ने पिछले ही साल शहीद स्मारक की जमीन की नापजोख कर चिह्नित कर दिया था और अब उसी लेखपाल हर्ष कुमार ने खुद के द्वारा की गई नापजोख को गलत बता रहा है और गांव के कुछ लोगों से साठगांठ कर लेखपाल हर्ष ने शहीद स्मारक की जगह पर बुलडोजर चलवा कर तुड़वा दिया. वहीं जब इस मामले की जानकारी अपर जिलाधिकारी रामजी मिश्र को हुई तो उन्होंने तहसीलदार किसनी के नेतृत्व में एक टीम गठित कर संबंधित लेखपाल के कृत्यों जांच कर उसकी रिपोर्ट मुख्यालय में प्रस्तुत करने को कहा है.

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