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नक्सली संगठन में बड़ा बदलाव, मोस्ट वांटेड हिडमा बना दंडकारण्य जोन का नया सेक्रेटरी

Chhattisgarh September 8, 2025 रिपोर्टर: shailesh
नक्सली संगठन में बड़ा बदलाव, मोस्ट वांटेड हिडमा बना दंडकारण्य जोन का नया सेक्रेटरी

नक्सली संगठन में बड़ा बदलाव, मोस्ट वांटेड हिडमा बना दंडकारण्य जोन का नया सेक्रेटरी

जगदलपुर : छत्तीसगढ़ में नक्सवाद के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं. कई बड़े नक्सली ढेर हो चुके हैं. इसी बीच नक्सली संगठन में बड़े बदलाव की खबर है. कुख्यात नक्सली माड़वी हिडमा को पहले नक्सलियों की इकलौती बटालियन का नेतृत्व करने और फिर सेंट्रल कमेटी मेंबर बनाए जाने के बाद अब पूरे दंडकारण्य की जिम्मेदारी दिए जाने की खबरें हैं.

हिडमा बना दंडकारण्य जोन का नया सेक्रेटरी

जानकारी मिली है कि, माड़वी हिडमा को दंडकारण्य स्पेशल उ जोनल कमेटी का सेक्रेटरी बना दिया गया है. इससे पहले यह पद रमन्ना के पास था. वर्ष 2020 में क उसकी मौत के बाद से पिछले 5 सालों से पद खाली पड़ा हुआ था. इस बीच, बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ नए-नए ऑपरेशन लॉन्च होने शुरू हुए और नक्सली बैकफुट पर चले गए. ऐसे में सेक्रेटरी के पद पर किसी की नियुक्ति नहीं हो पाई थी.

नक्सली संगठन को मजबूत करने दी गई कमान

अब जब नक्सलियों के खिलाफ मिशन 2026 चरम पर है, तब फिर से नक्सली संगठन को खड़ा करने में लगे हुए हैं. हिडमा की नियुक्ति के जरिए नक्सली एक साथ कई मोर्चों पर खुद को मजबूत करना चाह रहे हैं. बस्तर में फोर्स के खिलाफ अब तक जितने बड़े हमले हुए हैं, उसका मास्टरमाइंड हिडमा ही रहा है.

आईजी सुंदरराज पी ने दी जानकारी

बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने कहा कि सीपीआई (माओवादी) संगठन अपने अस्तित्व के संकट का सामना कर रहा है. संगठन के भीतर गहरे मतभेद और आपसी संघर्ष चल रहे हैं, जिससे इसका भविष्य अनिश्चित हो गया है. बस्तर में पुलिस और सुरक्षा बल माओवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

कौन है माडवी हिडमा?

हिड़मा का जन्म सुकमा के पुवार्ती गांव में हुआ था. वो बीजापुर में एक स्थानीय जनजाति से संबंध रखता है. कहा जाता कि माडवी हिड़मा साल 1996 से नक्सलियों से जुड़ा और तबसे कई निर्दोष लोगों की जान ले चुका है.

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