जागरूकता कार्यक्रम: कॉलेज में सिकलसेल और एनीमिया से बचने के बताए गए उपाय

बतौली। सरगुजा जिले के बतौली महाविद्यालय में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ और उत्थान सेवा समिति जशपुर के मार्गदर्शन में सिकल सेल, एनीमिया जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता डॉ. हेमंत गुप्ता, विशिष्ट वक्ता दुर्गा प्रसाद शर्मा, संस्थापक उत्थान सेवा समिति जशपुर और शिव प्रसाद यादव व्याख्याता, पीएम श्री स्वामी आत्मानंद विद्यालय कुनकुरी जशपुर ने व्याख्यान दिया।

मुख्य वक्ता डॉ. हेमंत गुप्ता ने सिकल सेल के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी गई। उन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि, सिकल सेल एक अनुवांशिक बीमारी है। सिकल सेल होने पर शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं का आकार अंडाकार से हंसियाकार हो जाता है जिससे शरीर में आक्सीजन की सही मात्रा अंगो तक नहीं पहुंच पाती है इसके कारण कई प्रकार की शारीरिक परेशानियां और लक्षण दिखाई देता है।

सिकल सेल, एनीमिया की करें रोकथाम
विशिष्ट वक्ता दुर्गा प्रसाद शर्मा ने अपनी अशासकीय संस्था एनजीओ उत्थान सेवा समिति जशपुर के कार्यों की जानकारी देते हुए सिकल सेल एनीमिया के लक्षण के बारे में बताया। उन्होंने ने कहा कि, इसके दो प्रकार होते हैं। एक वाहक होता है, दूसरे में लक्षण दिखाई देता है। आधुनिक समय में विवाह से पूर्व सिकल सेल एनीमिया की जांच करा कर वाहक और लक्षण प्रकट करने वाले रक्त समूह से विवाह न कर इसकी रोकथाम के लिए पहल करने की बात कही।सरकारी अस्पतलों में है। इलाज की व्यवस्था
विशिष्ट वक्ता शिव प्रसाद यादव ने सिकल सेल, एनीमिया के लक्षण और प्रकार के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि, सिकल सेल होने पर शरीर के कई भागों में दर्द और कमजोरी हो सकता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इसकी उपचार की व्यवस्था है। जागरूकता के द्वारा इसे आने वाले पीढ़ी में कम किया जा सकता है। सिकल सेल एनीमिया जागरूकता कार्यक्रम का सामान्य परिचय देते हुए प्रो बलराम चंद्राकर ने विषय प्रवर्तन किया।

कॉलेज के विद्यार्थियों ने लिया भाग
प्रो. गोवर्धन प्रसाद सूर्यवंशी ने बताया कि, महाविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ प्रभारी प्रो. तारा सिंह मरावी के मार्गदर्शन में आयोजित सिकल सेल एनीमिया जागरूकता कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी संकायों के विद्यार्थियों ने सहभागिता से भाग लिया। जिसमें कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय के विद्यार्थी भी सम्मिलित थे। विद्यार्थियों के साथ में महाविद्यालय के प्राध्यापकों सहित अन्य कर्मचारियों ने भी सहभागितादिखाईं।

ये लोग रहे मौजूद

इस कार्यशाला का संचालन महाविद्यालय के सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रभारी प्रो. गोवर्धन प्रसाद सूर्यवंशी ने और आभार प्रकट महाविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ प्रभारी प्रो. तारा सिंह मरावी ने किया। सुभागी भगत, मधुलिका तिग्गा, जिवियन खेस्स, शिल्पी एक्का, सुमित्रा गिरि, कविता प्रजापति सहित बड़ी संख्या में सभी संकायों के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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