ज्येष्ठ पूर्णिमा पर शुभ योग, मां लक्ष्मी लगाएं ये विशेष भोग, होगी धनवर्षा

सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि का बहुत महत्व माना जाता है। पूर्णिमा (Purnima) तिथि को पूजा-पाठ का विशेष महत्व है। हर माह में एक पूर्णिमा तिथि पड़ती है और इस बार ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा (Jyeshtha Purnima 2023) तिथि 04 जून को पड़ने वाली है। ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा तिथि बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। क्योंकि यह महीना विद्वान के रूप में बताया गया है।
ज्येष्ठ के महीने में भगवान विष्णु (Lord Vishnu) और भगवान शिव (Lord Shiva) की खास पूजा करने का विधान है। वहीं पूर्णिमा तिथि को मां लक्ष्मी की पूजा करने का विधान है। ऐसे में पूर्णिमा तिथि को पूजा-पाठ, दान-ध्यान और स्नान करने का भी विशेष महत्व है। पंचांग के अनुसार इस बार ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा के दिन शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। जिसमें मां लक्ष्मी की पूजा करने से धनलाभ हो सकता है। तो आइए विस्तार से जानते हैं-
इस दिन शुभ योग का होने जा रहा है निर्माण
इस साल पड़ने वाली ज्येष्ठ पूर्णिमा सबसे खास और महत्वपूर्ण है। पंचांग के अनुसार, 04 जून 2023, रविवार के दिन सिद्ध योग का निर्माण हो रहा है। ऐसा कहा जाता है कि सिद्ध योग में किए गए सभी काम सिद्ध होते हैं। इस दिन विधि-विधान से माता लक्ष्मी की पूजा की जाए और कुछ विशेष मंत्रों का जाप किया जाए तो आपको धनलाभ होता है साथ ही मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन जानें मां लक्ष्मी की पूजा का महत्व
इस माह में मां लक्ष्मी की पूजा करने से अपार धन की प्राप्ति होती है। वहीं पूर्णिमा तिथि के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नानादि करने के बाद मां लक्ष्मी की पूजा करें। मान्यता के अनुसार लक्षमी जी को खीर बहुत प्रिय होती है इसलिए उन्हें खीर का भोग लगाएं। शास्त्रों में बताया गया है कि पूर्णिमा तिथि के दिन पीपल के वृक्ष में माता लक्ष्मी वास करती हैं। इसलिए इस दिन पीपल के वृक्ष को जल अर्पित करें और संध्या के समय पेड़ के नीचे दीपक जलाएं।
कहा जाता है कि इस दिन विधि-विधान के साथ मां लक्ष्मी की पूजा करने से उनकी सदैव कृपा बनी रहती है और हमेशा मां लक्ष्मी की अपार कृपा बनी रहती है और धन-धान्य की भी प्राप्ति होती है।
इस मंत्र का करें जाप
ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन इस मंत्र का जाप करने बहुत शुभ फलदायी होता है. ‘श्रीं ह्रीं श्री कमले कमलाये प्रसिद प्रसाद’