एटीएम चोरी की साजिश नाकाम : पुलिस ने किया गिरोह का पर्दाफाश, अंतरराज्यीय गिरोह के 2 सदस्य गिरफ्तार

दुर्ग। दुर्ग जिले के नन्दकट्ठी गांव में हुए फिल्मी स्टाइल एटीएम चोरी की नाकाम साजिश का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यह अंतरराज्यीय गिरोह अपने वारदातों को अंजाम देने के लिए बेहद शातिर तरीके अपनाते थे।

घटना की विवेचना के अनुसार, आरोपी अपने मूल राज्य से दूर जाकर वाहन चलाने या फेरी में कपड़ा बेचने का काम करते थे। जिस क्षेत्र के एटीएम को निशाना बनाना होता था, उसकी पूरी रेकी कर वारदात को अंजाम देते थे। नन्दकट्ठी में स्थापित हिताची कंपनी के एटीएम को उखाड़ने का प्रयास इसी शातिर योजना के तहत किया गया।

जानकारी के अनुसार, आरोपी इंतजार खान और मुकीम ईनाम ने घटना से दो दिन पहले रायपुर होते हुए नन्दकट्ठी में पहुंचकर एटीएम की सुनसान जगहों में रेकी की। 13 नवम्बर 2025 की रात करीब 02:00 बजे थाना नंदिनी नगर क्षेत्रांतर्गत बस स्टैंड के पास स्थित एटीएम मशीन को तोड़फोड़ कर उखाड़ने का प्रयास किया गया। आरोपी वारदात के दौरान मेटाडोर वाहन चोरी कर लाए थे।

उन्होंने पहले दिन शहर में रेकी कर वाहन और भागने के रास्ते तय किए थे। लेकिन ग्रामीणों की सतर्कता और तत्परता के कारण यह चोरी नाकाम रही। एटीएम गार्ड विनय कुमार की शिकायत पर की गई जांच में यह खुलासा हुआ कि आरोपी एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह के रूप में काम कर रहे थे।

विभिन्न राज्यों में सुनसान और हाईवे के समीप स्थित एटीएम को निशाना बनाते थे। अंतरराज्यीय समन्वय और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर थाना माधवनगर, जिला कटनी (म.प्र.) के प्रकरण में गिरफ्तार आरोपी आरिफ उर्फ बाठू और अहसान उर्फ एहसास की संलिप्तता भी सामने आई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि नन्दकट्ठी में वारदात करने की पूरी योजना बनाई गई थी।

आरोपी वारदात के दौरान मोबाइल फोन बंद रखते थे और इंटरनेट कॉलिंग से संपर्क बनाए रखते थे। वे एटीएम के सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए पेंट या ग्रीस का इस्तेमाल करते थे। आरोपी हर बार गाड़ी किराये पर लाते और नंबर प्लेट बदलते थे।

वे ढाबा या होटल में नहीं रुकते और हमेशा टोल वाले रास्तों का प्रयोग नहीं करते, ताकि पहचान न हो सके। पुलिस ने बताया कि आरोपी वारदातों में बहुत ही सटीक और सुनियोजित रणनीति अपनाते थे। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि इस गिरफ्तारी से क्षेत्र में एटीएम चोरी और संगठित अपराधों पर नियंत्रण बढ़ाने में मदद मिलेगी। गिरफ्तारी के बाद पुलिस रिमांड में आरोपियों से और पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

This will close in 20 seconds