Army: तोपखाना रेजिमेंट में महिला अफसरों की हुई तैनाती, सेना ने कहा- देश सेवा के लिए बाधाएं तोड़ रहीं महिलाएं

नई दिल्ली : पहली बार थल सेना की तोपखाना रेजिमेंट में महिला अफसरों की तैनाती को सेना में आ रहे बदलावों की प्रक्रिया के एक अहम हिस्से की तरह देखा जा रहा है। सेना के अनुसार, वीरता और गौरव के साथ देश की सेवा करने के लिए महिलाएं तमाम बाधाएं तोड़ रही हैं, यह महत्वपूर्ण अवसर है।

जनवरी में सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने घोषणा की थी कि तोपखाना यूनिट्स में महिला सैन्य अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। इस प्रस्ताव पर केंद्र सरकार ने अनुमति दी थी। साल 2019 से भारतीय सेना पुलिस के जरिये महिलाओं को सेना में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इनकी भूमिका कैंटोनमेंट व सैन्य परिसरों में पुलिस व्यवस्था संभालना, सैनिकों द्वारा नियमों व कानूनों का उल्लंघन रोकना, सैनिकों के आवागमन व रसद आपूर्ति की देखरेख और जरूरत के वक्त नागरिक पुलिस से समन्वय आदि में अहम होती है।

दुनिया की सबसे ऊंची युद्ध भूमि पर महिला अफसर  जनवरी में सेना की इंजीनियर कोर ने सियाचिन ग्लेशियर पर कैप्टन शिवा चौहान को फ्रंटलाइन पर तैनात किया था। यह दुनिया में सबसे ऊंची युद्ध भूमि पर पहली बार एक महिला सैन्य अधिकारी की तैनाती थी।

हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़े चीनी जहाजों पर हमारी नजर : नौसेना प्रमुख

नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में चीनी जहाजों की उपस्थिति बढ़ी है। भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए इस क्षेत्र में हर गतिविधि पर करीबी नजर रख रहा है।

यहां एक कार्यक्रम के दौरान एडमिरल कुमार ने कहा कि भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान के बंदरगाहों पर भी चीनी जहाजों के होने की जानकारी है और वह इस पर नजर रख रही है। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना की भूमिका समुद्री क्षेत्र में राष्ट्रीय हितों की संरक्षा, सुरक्षा और बढ़ावा देना है। वह खतरों और चुनौतियां का भी आकलन करती है।

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