Anti-Anxal Operation: खुला एक और नया कैम्प : नक्सल उन्मूलन अभियान में मिलेगी मदद

सुकमा। Anti-Anxal Operation: छत्तीसगढ़ के सुकमा  जिले के कोंटा- गोलापल्ली मार्ग में नियद नेल्ला नार योजना के तहत नुलक़ातोंग में नया सुरक्षा कैम्प स्थापित किया गया है। कोंटा से गोलापल्ली, किस्टाराम को सीधा कनेक्ट करने के दिशा में यह कदम उठाया है। बहुत जल्द कोन्टा से गोलापल्ली- किस्टाराम सीधे कनेक्ट होने से सफर की दूरी पहले से आधा घटकर 40 किमी. हो जायेगी जिसका सीधा फायदा आम जनता को मिलेगा। 12 मासी उपयोगी सड़क निर्माण कार्य मे गति लाने, विकासमूलक योजनाओं को जनता तक पहुंचाने एवं माओवादियों गतिविधियों को अकुंश लगाने के उद्देश्य से यह कैम्प स्थापित किया गया है।

Anti-Anxal Operation: वर्ष 2024 से अब तक सुकमा जिले में सुरक्षा बलों द्वारा13 नवीन कैम्पों की स्थापना की गई है। नवीन सुरक्षा कैम्पों की स्थापना होने से नक्सल उन्मूलन में तेजी आई है, जिसके फलस्वरूप  वर्ष 2024 से अब तक नक्सल विचारधारा को त्यागकर 376 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. सुरक्षा बलों ने विभिन्न अभियानों में 48 माओवादी को मार गिराया है और 351 माओवादियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है।

बस्तर आईजी के निर्देशन में बनाए गए कैम्प 

Anti-Anxal Operation:  नक्सल उन्मूलन एवं विकास कार्यो में तेजी लाने के लिए बस्तर आईजी के निर्देशन में छत्तीसगढ़ शासन से संचालित नियद नेल्ला नार योजना के तहत जिला सुकमा एवं आन्ध्रप्रदेश राज्य के सीमावर्ती क्षेत्र कोंटा-गोलापल्ली मार्ग में नवीन सुरक्षा कैम्प नुलक़ातोंग दिनांक 31.03.2025 को स्थापित किया गया। नवीन कैम्प स्थापित होने से क्षेत्र में माओवादियों के अन्तर्राज्यीय गतिविधियों पर अंकुश लगेगा और नक्सल विरोधी अभियान संचालन में तेजी आयेगी। सड़क, पुल/पुलिया निर्माण, बिजली, पानी, स्वास्थ्य सुविधा, पीडीएस दुकाने, अच्छी शिक्षा, मोबाईल कनेक्टिविटी का विस्तार आदि की सुविधायें मिल पायेगा। नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित होने से क्षेत्र के आम-जन उत्साहित है।

अब तक खोले 13 कैम्प 

Anti-Anxal Operation:  विदित हो कि वर्ष 2024 से अब तक सुकमा जिले में नियद नेल्ला नार योजना के तहत टेकलगुड़ेम, पुवर्ती, मुकराजकोण्डा, दुलेड़, पुलनपाड़, लखापाल, तुमालपाड़, रायगुडे़म, गोलाकोण्डा, गोमगुड़ा,  मेटागुड़ेम, उसकावाया नुलक़ातोंग नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित की गई है। लगातार नए कैम्प स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव से माओवादी विचारधारा को त्यागकर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने के उद्देश्य से 376 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है. कई नक्सल विरोधी अभियानों में 48 हार्डकोर माओवादियों को मार गिराया गया है और 351 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है।

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