बिलासपुर सीट पर अमर अग्रवाल और शैलेष पांडेय की होगी टक्कर, जानिए राजनीतिक इतिहास और वर्तमान

बिलासपुर : बिलासपुर जिले के सभी छह प्रत्याशियों की सूची जारी हो गई है। जारी सूची में पहले से ही कुछ सीटों पर अनुमान लगाए गए थे। कोटा से अटल श्रीवास्तव, बिलासपुर से कांग्रेस के मौजूदा विधायक शैलेष पांडेय का नाम पक्के तौर पर लिया जा रहा था। इस बार बेलतरा विजय केशरवानी और कोटा से अटल श्रीवास्तव को पहली बार चुनाव लड़ाया जा रहा है। वहीं, बिल्हा से सियाराम कौशिक, मस्तूरी से दिलीप लहरिया और तखतपुर से रश्मि सिंह पहले भी चुनाव लड़ चुकी हैं। एमएलए शैलेष पांडेय और रश्मि सिंह पर दोबारा भरोसा जताया गया है।
बिलासपुर सीट पर कांटे की टक्कर
अब बात बिलासपुर सीट की करें तो इस बार पिछले बार के मुकाबले कांटे की टक्कर दिख रही है। कांग्रेस प्रत्याशी शैलेष पांडेय और बीजेपी प्रत्याशी अमर अग्रवाल दोनों ही दमदार प्रत्याशी माने जा रहे हैं। अमर अग्रवाल बिलासपुर से कई बार के विधायक रह चुके हैं और पिछली बार उन्हें शैलेष पांडेय ने शिकस्त दी थी। शैलेष पांडेय ने भाजपा के कद्दावर नेता अमर अग्रवाल को 11221 मतों से पराजित कर पहली बार विधायक बने। चुनाव में शैलेष पांडेय ने 67,896 मत हासिल किए थे। वहीं, भाजपा के अमर अग्रवाल को 56,675 मत मिले थे।
कौन हैं अमर अग्रवाल
अमर अग्रवाल का जन्म अविभाजित मध्यप्रदेश के रायगढ़ जिले में 22 सितंबर सन् 1963 को खरसिया में हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा खरसिया के स्थानीय स्कूल से पूरी करने के बाद उन्होनें रायपुर के दुर्गा कॉलेज से वाणिज्य संकाय में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। इस दौरान वे भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा बिलासपुर के जिला अध्यक्ष, भाजपा राष्ट्रीय परिषद एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सक्रिय सदस्य रहे। 16 फ़रवरी 1985 को उन्होंने वैवाहिक जीवन में प्रवेश किया। शशि अग्रवाल उनकी धर्मपत्नी हैं। वो एक पुत्र व दो पुत्रियों के पिता हैं।
मंत्रीमंडल में भी रह चुके हैं अमर
भारतीय जनत पार्टी ने सन् 1998 में विधानसभा चुनाव के लिए बिलासपुर क्षेत्र से उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया। इस चुनाव में अमर अग्रवालने भारी मतों के अंतर से जीत हासिल की छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद हुए पहले 2003 विधानसभा चुनाव में भी उन्होनें प्रचंड बहुमत से जीत हासिल की। अमर अग्रवाल डॉ॰ रमन सिंह के मंत्रीमंडल में वित्त, योजना, आर्थिक सांख्यिकी, वाणिज्य कर तथा नगरीय प्रशासन मंत्रालय का दायित्व निभाया। वो 2008 से 2018 तक चार बार के विधायक रहे। 2018 में भी उन्हें बिलासपुर से टिकट मिला और वो कांग्रेस के शैलेष पांडेय से हार गए।
कांग्रेस ने दोबारा शैलेष को दिया मौका
शैलेष पांडेय को कांग्रेस पार्टी ने इस बार भी मौका दिया है। शैलेष पांडेय पिछले चुनाव में अपनी ही पार्टी से काफी अंतर्विरोध के शिकार हुए थे। उन दिनों शिक्षाविद शैलेष पांडेय कांग्रेस पार्टी के नवोदित सदस्य थे और उन्हें पार्टी में आने के कुछ दिन बाद ही एक बड़ी जिम्मेदारी दे दी गई। वो पार्टी के विश्वास पर खरा उतरे और चार बार के विधायक अमर अग्रवाल को उन्होंने पटखनी दे दी।