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अल-कायदा ने अपहृत यूएन स्टाफ को 18 महीने बाद किया रिहा, सुरक्षित रिहाई के बाद गुटेरेस ने किया यह आह्वान

World August 12, 2023 रिपोर्टर: shailesh
अल-कायदा ने अपहृत यूएन स्टाफ को 18 महीने बाद किया रिहा, सुरक्षित रिहाई के बाद गुटेरेस ने किया यह आह्वान

अल-कायदा ने अपहृत यूएन स्टाफ को 18 महीने बाद किया रिहा, सुरक्षित रिहाई के बाद गुटेरेस ने किया यह आह्वान

यमन : संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने उन पांच स्टाफ सदस्यों की सुरक्षित रिहाई का स्वागत किया है, जिन्हें यमन में अल-कायदा की एक शाखा द्वारा 18 महीने तक अपहरण करके रखा गया था।अमेरिकी मीडिया ने यह जानकारी दी। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता फरहान हक ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, महासचिव को इस बात से बहुत राहत मिली है कि उनकी कठिन परीक्षा और उनके परिवारों और दोस्तों की चिंता आखिरकार खत्म हो गई। साथ ही उन्होंने कहा कि गुटेरेस ने अपराधियों को जवाबदेह ठहराने का आह्वान किया।

मीडिया रिपोर्ट में बताया गया कि रिहा किए सभी पांचों स्टाफ सदस्य बचाव और सुरक्षा विभाग के लिए काम करते थे। अबियान (Abyan) के दक्षिणी गवर्नरेट में एक फील्ड मिशन से अदन लौटते समय फरवरी 2022 में उनका अपहरण कर लिया गया था। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र ने उस समझौता वार्ता पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया जिसकी वजह से उनकी रिहाई हुई, लेकिन सहायता के लिए ओमान सरकार को धन्यवाद दिया। गौरतलब है कि संगठन की फिरौती नहीं देने की नीति है।

बांग्लादेशी नागरिक अकम सुफीउल अनम ( Akm Sufiul Anam) बुधवार को ढाका पहुंचे। उन्होंने वहां संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह जीवित घर लौटेंगे। अन्य चार बंधक यमन के नागरिक थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र ने उनकी पहचान माजेन बावजिर, बकील अल-महदी, मोहम्मद अल-मुलैकी और खालिद मोख्तार शेख के रूप में बताई है।

संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट और मानवतावादी समन्वयक डेविड ग्रेस्ली ने संवाददाताओं से कहा कि मुक्त कराए गए चारों यमनवासी सुरक्षित हैं और अच्छे स्वास्थ्य में हैं। ग्रेसली ने कहा, मुझे रास्ते में उनसे बात करने का मौका मिला। उन्होंने कहा, मैं न केवल उनके अच्छे उत्साह से बल्कि असाधारण परिस्थितियों में भी उन्होंने जो ताकत दिखाई है, उससे बहुत प्रभावित हूं। संयुक्त राष्ट्र के दो अन्य स्टाफ सदस्य नवंबर 2021 से हौथी-नियंत्रित सना में हिरासत में हैं। विश्व खाद्य कार्यक्रम से जुड़े एक जॉर्डन कर्मचारी की भी 21 जुलाई को दक्षिण-पश्चिम यमन में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

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