CG : बारूद फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में कंपनी के पदाधिकारी अवधेश जैन के खिलाफ ऍफ़आईआर दर्ज

बेमेतरा : छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में बारूद फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। इस मामले में कंपनी के पदाधिकारी अवधेश जैन और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। विस्फोटक सामग्री के रख रखाव में चूक और सुरक्षा मानकों में कमी को लेकर अपराध दर्ज किया गया था। यह हादसा बेमेतरा के पिरदा-बोरसी में 25 मई को हुआ था। हालांकि अब कंडरका चौकी में शासन की ओर से उप निरीक्षक मयंक मिश्रा की शिकायत पर एफआईआर दर्ज हो गई है।

परिजनों ने मुआवजा लेने से किया था इनकार 

मजदूरों के परिजनों ने प्रबंधन से 30-30 लाख रुपए मुआवजा ले लिया। दो के परिजनों ने मुआवजा से इनकार कर दिया है। फैक्ट्री को जांच तक बंद रखने का फरमान जारी कर दिया गया है, बाहर अभी भी ग्रामीण डटे हुए हैं। गौरतलब है कि,  स्पेशल ब्लास्ट प्राइवेट लिमिटेड पिरदा बेमेतरा में 25 मई शनिवार की सुबह लगभग 7 बजकर 55 मिनट में पीटीएन प्लांट में जोर का धमाका हुआ। इस धमाके में 8 मजदूर चपेट में आ गए थे। एक मजदूर की मौत इलाज के दौरान हो गई थी। 6 मजदूर घायल थे जिन्हें उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।

लापता मदजूरों को मलबे में खोजने का प्रयास किया

8 मजदूरों की गुमशुदगी कंडरका पुलिस चौकी में दर्ज की गई है। जिन मजदूरों की गुमशुदगी दर्ज की गई है उनमें वार्ड नं 12 ग्राम तिरदा निवासी रामकिसुन ध्रुव उर्फ राजू, ग्राम भिमौरी नीरज ध्रुव, ग्राम कंडरका वार्ड-15 शंकर यादव, वार्ड नं.-2 बोरसी नरहर यदु, वार्ड नं-3 बोरसी दगेंद्र साहू, वार्ड नं. 18 ग्राम-गब्दा लोकनाथ यादव, वार्ड नं. 11 ग्राम तिरदा विजय कुमार देवदास, वार्ड नं. 13 पिरदा पुष्पराज देवदास शामिल हैं। हादसे के बाद एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की संयुक्त टीम ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर लापता मदजूरों को मलबे में खोजने का प्रयास किया लेकिन ऑपरेशन में मलबे से साबुत मजदूर तो नहीं मिले बल्कि मानव अंग और उनके मांस के लोथड़े को पॉलीथिन में एकत्रित कर बेमेतरा प्रशासन ने डीएनए के लिए भेजा है। हादसे के बाद से ही पिरदा बोरसी और आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में फैक्ट्री के गेट पर प्रदर्शन कर रहे थे। 5 दिन बाद प्रदर्शनकारियों को सुबह प्रशासन की ओर से सूचना दी गई कि फैक्ट्री प्रबंधन लापता मजदूरों और मृत मजदूर के परिजनों को 30 लाख रुपए देने तैयार है। प्रदर्शनकारियों की सुबह प्रशासन की ओर से सूचना दी गई कि फैक्ट्री प्रबंधन लापता मजदूरों और मृत मजदूर के परिजनों को 30 लाख रुपए देने तैयार है।

कलेक्टर ने फैक्ट्री बंद करने का दिया आदेश

हादसे के बाद बेमेतरा कलेक्टर रणवीर शर्मा ने न्यायायिक दण्डाधिकारी जांच का आदेश शनिवार को ही जारी किया था। कलेक्टर ने 29 मई बुधवार को एक आदेश जारी करते हुए आगामी आदेश तक फैक्ट्री को बंद करने का आदेश दिया है। कलेक्टर ने आदेश दिया है कि स्पेशल ब्लास्ट लिमिटेड परिसर में दुर्घटना (विस्फोट के कारण जनहानि हुई है। उक्त घटना के कारण लोक सुरक्षा को देखते हुए कारखाना परिसर में उत्पादन एवं उससे संबंधित अन्य गतिविधियां आगामी आदेश पर्यंत बंद रखने का निर्देश दिया जाता है। कारखाने में उपलब्ध विस्फोटक पदार्थों की समुचित सुरक्षा का दायित्व कारखाना प्रबंधक की होगी।

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