महिला व बच्चे की डबल मर्डर की गुत्थी पुलिस एन सुलझाई, मृतका के बॉयफ्रेंड ने की थी सुनियोजित हत्या

रायगढ़ : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ के जिले में बीते महीने हुए डबल मर्डर की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने मृतका के बॉयफ्रेंड को गिरफ्तार कर लिया है, साथ ही आरोपी के पास से कई अहम सबूत भी बरामद किये है, बीते महीने बिलासपुर-झारसुगुड़ा नेशनल हाईवे 49 पर 27 नवंबर की सुबह ग्राम नेतनाग की पैरावट में अधजले महिला व बच्चे का शव मिलने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही तत्काल जूटमिल पुलिस मौके पर पहुंची। प्रथम हत्या कर साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से शव को पैरावट में जलाए जाना का प्रतीत हुआ।
मामले पर एसएसपी द्वारा तत्काल 3 टीमों का गठन कर आरोपी की पतासाजी में लगा दी गई। इन टीमों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई जिसमें एक टीम घटनास्थल से लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने में लगी हुई थी, साइबर की टीम मोबाइल टावर से टेक्निकल एनालिसिस में लग गई। पुलिस को पता चला कि, ग्रामीणों ने एक सफेद रंग की कार की घटनास्थल के आसपास देखी है। पुलिस के पास अब तक एक सफेद रंग की कार प्रथम संदेह उत्पन्न कर रहा था जिसकी जांच में सीएसपी अभिनव एवं डीएसपी अमन लखीसरानी की टीम नेशनल हाईवे और नेतनागर के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज चेक कर रही थी, जल्द ही पुलिस को संदिग्ध सफेद कलर की महिंद्रा एक्सयूवी कार टोल नाके, मार्ग पर लगे सीसीटीवी और बैरियर में दिखाई दी।
कार के नंबर से आरोपी के नाम का पता चला
एक्सयूवी कार का आरटीओ से जानकारी प्राप्त कर उसके ऑनर का पता लगाया गया। कार विभा गुप्ता पति सूरज गुप्ता निवासी रायपुर का पता चला। पुलिस की एक टीम तत्काल रायपुर रवाना हुई जहां पुलिस को टीम को पता चला कि, कार का उपयोग सूरज गुप्ता द्वारा किया जा रहा है जो पिछले कुछ समय से अपनी कंपनी में धोखाधड़ी कर कंपनी में काम करने वाली विवाहित महिला निधि औसरिया और उसके पहले पति से हुये बच्चे पार्थ (05 साल) के साथ रायपुर से बाहर कहीं रहता है। संदिग्ध एक्सयूवी कार की गतिविधियों को चेक कर रही टीम ने एक्सयूवी कार को अकलतरा से आगे बढ़ते बिलासपुर की ओर देखा गया जो बिलासपुर शहर से कहीं और नहीं दिखी जिसके बाद सीएसपी अभिनव के नेतृत्व में पुलिस टीम बिलासपुर पहुंचकर संदेही सूरज गुप्ता की पतासाजी में जुट गई।
किराये के मकान में रहते थे दोनों
बिलासपुर शहर के सीसीटीवी चेक करते हुए टीम शांतिनगर बिलासपुर पहुंची जहां सूरज गुप्ता एक किराए मकान लेकर एक महिला और बच्चे के साथ रह रहा था, एक्सयूवी कार पोर्च में खड़ी थी घर पर कोई नहीं थे । मकान मालिक से पूछताछ में जानकारी प्राप्त हुई कि सूरज गुप्ता और उसके साथ रहने वाली महिला निधि औसरिया और उसका 5 साल का बेटा पार्थ जो 2-3 दिनों से नजर नहीं आ रहे हैं जिससे पुलिस का शक बढ़ गया। पुलिस टीम ने सूरज के साथ रहने वाली निधि औसरिया का फेसबुक अकाउंट चेक किया गया निधि के फोटोग्राफ्स में दाहिने कान में लॉन्ग (सोने का आभूषण) पहनी हुई थी, जले शव वाली महिला के कान पर भी इस तरह का आभूषण देखा गया था जिससे पुलिस का संदेह और बढ़ गया कि जली हुई महिला निधि औसरिया उसका बच्चा पार्थ हो सकते हैं। वही साइबर टीम की मदद से निधि के मोबाइल नंबर जांच में रखा गया जिसकी मृत्यु के पश्चात भी संभावित आरोपी द्वारा उसके व्हाट्सएप के संचालन की जानकारी मिली।
पुणे से पकड़ा गया आरोपी
पुलिस की टीम को निधि के मोबाइल नंबर के एनालिसिस पर पता चला कि मोबाइल पर और नंबर एक्टिव थे जिसे जांच करते हुए पुलिस संदिग्ध सूरज गुप्ता का लोकेशन लिया गया जो पुलिस से छुपते हुए मुंबई भाग चुका था। तत्काल एसएसपी सदानंद कुमार के निर्देशन पर डीएसपी अमन लखीसरानी के नेतृत्व में एक टीम पुणे रवाना हुई। वहीं संदेही सूरज गुप्ता पुलिस को गुमराह करने अपना मोबाइल बंद-चालू कर रहा था जिसका मोबाइल ऑन होने पर अगला लोकेशन दुर्ग-भिलाई प्राप्त हुआ। पुणे रवाना हुई टीम भिलाई पहुंची जहां आरोपी सूरज गुप्ता द्वारा अपनी पहचान छुपा कर नया फोन और नया सिम लेकर पीजी किराया में लेकर वहीं रहने की फिराक में था। टीम द्वारा आरोपी पतासाजी करते हुए भिलाई के प्रियदर्शनी परिसर पहुंच कर संदेही सूरज गुप्ता को हिरासत में लिया गया जिससे हिकमत अमली से पूछताछ करने पर उसने निधि औसरिया और उसके बेटे पार्थ की हत्या कर शव को बिलासपुर-झारसुगुड़ा हाईवे में रोड किनारे पैरावट में जलाना कबूल किया और घटना का वृतांत बताया।