पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने किया दावा, 52 से 54 सीटे जीतकर सरकार बनाएगी भाजपा

रायपुर : चुनावी व्यस्तता से फुर्सत पाने के बाद छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेशभर के भाजपा प्रत्याशियों से फीडबैक ले लिया है। उसी आधार पर उनका दावा है कि भाजपा 52 से 54 सीटें जीतकर छत्तीसगढ़ में सरकार बनाने जा रही है।

सोमवार को अपने राजधानी स्थित निवास पर डॉ. रमन ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि,3 दिसंबर को होने वाली मतगणना का पूरे प्रदेशवासियों को बेसब्री से इंतजार है। उन्होंने कहा कि, भाजपा कार्यकर्ताओं ने हरसंभव ताकत झोंकी और भरपूर मेहनत की। वहीं हमारे केंद्रीय नेतृत्व ने भी पर्याप्त समय दिया। जिसके चलते पहले और दूसरे चरण का चुनावी अभियान अच्छा चला है। डॉ. रमन ने विश्वास जताया कि, बीजेपी की स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनेगी। 52 से 54 सीटों के साथ बीजेपी की सरकार बनेगी।

क्या डा. रमन बनेंगे मुख्यमंत्री?

मुख्यमंत्री पद पर दावेदारी को लेकर डा. बोले कि, पार्टी का केंद्रीय और स्थानीय नेतृत्व मिलकर सीएम पद के लिए नाम करेंगे। विधायक दल की बैठक में सीएम पद के लिए नाम तय हो जाएगा, हमारी पार्टी में इस काम में कहीं विलंब नहीं होगा।

महिलाओं ने गुस्से में कांग्रेस के खिलाफ भाजपा को वोट किया

पूरे प्रदेश में महिलाओं ने पुरुषों के मुकाबले ज्यादा मतदान किया है, इस डा. रमन सिंह बोले कि, महिलाओं का रुझान बीजेपी की योजनाओं और घोषणा पत्र की ओर रहा वहीं महिलाओं ने कांग्रेस की वादाखिलाफी के प्रति आक्रोश को प्रकट किया है। डा. रमन बोले कि, कांग्रेस ने महिलाओं को छला और ठगने का काम किया, इसलिए महिलाओं ने गुस्से में आकर शानदार मतदान किया है। यह परिवर्तन का वोट है जो महिलाओं ने भाजपा को दिया है।

सिंहदेव की सीएम बनने की इच्छा गलत समय पर जागृत हुई

मंत्री टीएस सिंहदेव के चुनाव नहीं लड़ने और सीएम उम्मीदवारी पर पूर्व मुख्यमंत्री ने तंज कसेते हुए कहा कि, वह सही बोल रहे हैं, उनके मन की पीड़ा है। पांच साल से वह इंतजार कर रह हैं। यह वादा कर उनको पांच साल घुमाकर रख दिया गया। पर उनकी भी इच्छा गलत समय पर जागृत हुई है। अब बीजेपी की सरकार बन रही है। उनकी महत्वाकांक्षा जागृत करने से कोई फायदा नहीं होगा। कांग्रेस में अंतर्द्धद्व पर डा. रमन सिंह ने कहा कि, कांग्रेस में अंतर्द्धद्व पूरे चुनाव के दौरान दिखा। जितने बड़े नेता थे वह अपना विधानसभा क्षेत्र छोड़कर कहीं नहीं गए। एक विधानसभा में बांधकर उन्हें रखा गया। अब उनके मन की पीड़ा और आक्रोश झलक रही है।

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