Rajinikanth की ‘जेलर’ पड़ी कानूनी पचड़े में, टाइटल को लेकर हुआ विवाद, निर्माता ने जारी किया लीगल स्टेटमेंट

मुंबई : रजनीकांत की आगामी फिल्म जेलर मुसीबत में पड़ गई है। इसकी वजह बना है इस फिल्म का टाइटल। जेलर के टाइटल से पता चलता है कि इस फिल्म में एंटरटेनमेंट के अलावा बहुत कुछ होगा। रजनीकांत ने फिल्म में एक जेलर की भूमिका निभाई है। इसे लेकर उनके फैंस काफी उत्साहित है। फिल्म की कहानी से जुड़ी कोई खास बात सामने नहीं आने के करण फैंस को जेलर की भूमिका से काफी उम्मीदें हैं।
जेलर फिल्म के टाइटल को लेकर क्या विवाद हो गया है?
अब इस फिल्म के टाइटल को लेकर विवाद हो गया है। एक मलयालम फिल्म निर्माता आगे आए हैं और मांग की है कि फिल्म का टाइटल कम से कम केरल में बदला जाए। क्या rajnikant की ‘जेलर’ का बदला जाएगा टाइटल? भले ही जेलर को टाइटल बदलना पड़े लेकिन यह केवल केरल राज्य में होगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि जब rajnikant की जेलर रिलीज हो रही है, उसी समय इसी टाइटल से बनी एक और मलयालम फिल्म भी आ रही है। मलयालम फिल्म में ध्यान श्रीनिवासन हैं और यह एक पीरियड थ्रिलर मानी जा रही है। इस फिल्म के निर्देशक सक्किर मदाथिल है और इसके निर्माता एन के मोहम्मद हैं।
मलयालम ‘जेलर’ के निर्माताओं का रजनीकांत की फिल्म पर क्या कहना है?
भले ही दोनों फिल्मों की कहानियों में अंतर हो लेकिन मलयालम ‘जेलर’ के निर्माताओं को लगता है कि एक ही टाइटल से बनी दो फिल्मों के कारण आम दर्शकों को भ्रम होगा। सक्किर मदाथिल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। इसमें उन्होंने खुलासा किया कि यह एक गंभीर विषय है। उन्होंने यह भी कहा है कि वे रजनीकांत की फिल्म का प्रोडक्शन करने वाली कंपनी सन पिक्चर्स से संपर्क में है।
मलयालम फिल्म की टीम ने क्यों कहा है कि उन्हें ही टाइटल मिलना चाहिए?
सक्किर मदाथिल ने मीडिया से शेयर किया है कि तमिल फिल्म के निर्माता टाइटल को जाने नहीं देना चाह रहे हैं, भले ही वह केरल में ही क्यों ना हो। मलयालम फिल्म की टीम ने कहा है कि उनकी फिल्म छोटी हैं। इसलिए उन्हें टाइटल मिलना चाहिए क्योंकि वे पहले से ही नुकसान में हैं। इसके अलावा, तमिल ‘जेलर’ में मलयालम सिनेमा के सबसे बड़े कलाकारों में से एक मोहनलाल भी हैं। इसलिए टाइटल बदलने से फिल्म के कलेक्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।