रायपुर। अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय के प्रतीक विजयादशमी का पर्व आज राजधानी रायपुर में पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया जाएगा। शहर के अलग-अलग मैदानो और बस्तियों में रावण दहन की तैयारियां पूरी कर ली गई है। डब्लू आरएस कॉलोनी के दशहरा मैदान में इस बार 101 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन आकर्षण का केंद्र रहेगा। वहीं, बच्चों और युवाओं के लिए बाजार में छोटे-बड़े पुतलों की दुकानें भी सज गई है।
बच्चों के लिए सजे छोटे पुतले, बाजार में दिनभर रही पूछ-परख
दशहरा को लेकर आमापारा, अग्रसेन चौक मार्ग और बांसटाल रूट पर कारीगरों ने रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले बिक्री के लिए सजाए है। इनकी कीमत करीब 150 रुपये से लेकर 25 हजार रुपये तक है। कारीगर रोहित सिन्हा और सुरेश ढीवर के मुताबिक, इस बार बच्चों की पसंद को ध्यान में रखते हुए करीब दो फीट ऊंचे पुतले भी तैयार किए गए है।
रावण दहन को लेकर उत्साह
कॉलोनियों और बस्तियों में दशहरा मनाने वाले युवा समूह भी 10 से 12 फीट ऊंचे पुतलों को खरीदने में रुचि दिखा रहे है। ऐसे समूहों के लिए 20 से 25 हजार रुपये की कीमत में रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले उपलब्ध है। बच्चों में रावण दहन को लेकर खास उत्साह रहता है। इसी वजह से अभिभावक भी उन्हें साथ लेकर पुतले खरीदने पहुंच रहे है।
WRS मैदान में तीन पुतलों के निर्माण पर खर्च हुए 3.03 लाख रुपये
राजधानी के WRS कॉलोनी स्थित दशहरा मैदान में इस बार रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों के निर्माण पर कुल तीन लाख तीन हजार रुपये खर्च किए गए है। आयोजन समिति के प्रमुख और उत्तर क्षेत्र के विधायक पुरंदर मिश्रा के अनुसार, मुख्य आकर्षण 101 फीट ऊंचा रावण का पुतला होगा, जिसे तैयार करने में अकेले डेढ़ लाख रुपये की लागत आई है।
यहां रावण दहन के दौरान रंग-बिरंगी आतिशबाजी भी की जाएगी। आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं की तैयारी की गई है। अनुमान है कि WRS मैदान मे रावण दहन देखने करीब पांच लाख लोग पहुंच सकते है। भगवान श्रीराम के स्वरूप द्वारा अग्निबाण चलाकर रावण का दहन किया जाएगा।
बांस और रंगीन कागज से तैयार होते हैं पुतले
पुतला निर्माण के व्यवसाय को आगे बढ़ा रहे मंगतु राम निषाद बताते है कि पहले बांसटाल में ही पुतले तैयार किए जाते थे और ग्राहकों की संख्या भी कम रहती थी। अब बाजार और ग्राहकों की मांग बढ़ने के साथ शहर के कई मार्गों पर पुतलों की दुकाने सजने लगी है।
पुतलों का ढांचा बनाने के लिए बांस और पैरा का इस्तेमाल किया जाता है। इसके बाद रंगीन कागज और रंगो से उन्हें आकर्षक रूप दिया जाता है। पुतलों में पटाखे लगाने की जिम्मेदारी इन्हें खरीदने वाले लोग निभाते है।
रावणभाठा, बूढापारा और शंकर नगर में भी दशहरा उत्सव
राजधानी में WRS मैदान के अलावा कई अन्य स्थानों पर भी रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। रावणभाठा मैदान में नगर निगम की ओर से साफ-सफाई, रोशनी, पेयजल और अग्निशमन जैसी व्यवस्थाएं की जा रही है। यहां भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है।
बूढ़ापारा के सप्रे स्कूल मैदान में 50 फीट ऊंचे रावण का दहन होगा। शंकर नगर के बीटीआई मैदान में भी दशहरा उत्सव की तैयारियां की गई है। शहर के विभिन्न आयोजन स्थलों पर भजन, रामलीला और आतिशबाजी के कार्यक्रम होगे।
विजयादशमी पर रायपुर पुलिस करेगी शस्त्र पूजा
दशहरे के अवसर पर रायपुर पुलिस भी पारंपरिक शस्त्र पूजा करेगी। पुलिस लाइन में सुबह से अस्त- शस्त्रों की पूजा का आयोजन होगा। विजयादशमी के पर्व पर राजधानी में धार्मिक आयोजनो और रावण दहन के साथ पुलिस की यह परंपरा भी निभाई जाएगी।