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आईएएस के नाम से फर्जी आईडी और 88 लाख की साइबर ठगी में दो अंतरराज्यीय आरोपी गिरफ्तार

Chhattisgarh October 20, 2026 रिपोर्टर: shailesh
आईएएस के नाम से फर्जी आईडी और 88 लाख की साइबर ठगी में दो अंतरराज्यीय आरोपी गिरफ्तार

आईएएस के नाम से फर्जी आईडी और 88 लाख की साइबर ठगी में दो अंतरराज्यीय आरोपी गिरफ्तार

रायपुर. ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत रायपुर रेंज साइबर पुलिस ने साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामलों में उत्तर प्रदेश से दो अंतरराज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें एक आरोपी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुबोध कुमार सिंह के नाम से फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाने में शामिल था, जबकि दूसरे पर शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर 88 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप है. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के इस्तेमाल किए गए बैंक खाते और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से देश के अलग-अलग 11 थानों और साइबर सेल में दर्ज शिकायतों का पता चला है.

IAS अधिकारी के नाम से बनाई फर्जी आईडी

पहले मामले में प्रार्थी सुशांत पनका ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुबोध कुमार सिंह के नाम से फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाए जाने की शिकायत की थी. इस मामले में राखी थाने में अपराध दर्ज कर जांच रायपुर रेंज साइबर पुलिस थाना को सौंपी गई थी. पुलिस ने Facebook, Google और मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों से मिली जानकारी का तकनीकी विश्लेषण कर आरोपी की पहचान की.

जांच के बाद उत्तर प्रदेश के हमीरपुर निवासी अर्जुन कुमार जाटव (23) को गिरफ्तार किया गया. पुलिस के मुताबिक, आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर धोखाधड़ी की गतिविधियों में शामिल था. आरोपी के मोबाइल फोन के तकनीकी विश्लेषण में स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के अन्य महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों के नाम से भी फर्जी फेसबुक आईडी बनाए जाने के साक्ष्य मिले हैं. पुलिस इन मामलों में भी वैधानिक कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है.

शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर ठगी

दूसरे मामले में प्रार्थी रश्मि शर्मा ने शेयर ट्रेडिंग में मुनाफा दिलाने के नाम पर 88 लाख रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत की थी. रेंज साइबर थाने में अपराध दर्ज कर बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और वाट्सऐप से मिले तथ्यों की जांच की गई. इसके आधार पर कानपुर निवासी प्रवीण कुमार दीक्षित (46) की पहचान की गई.

पुलिस के अनुसार, आरोपी अपने साथी के साथ मिलकर ‘दीक्षित एजेंसी’ नाम से फर्जी कंपनी के जरिए बैंक खाते खुलवाता था और ठगी की रकम इन खातों में प्राप्त करता था. पूछताछ में अन्य आरोपियों के संबंध में भी जानकारी मिली है. पुलिस को आरोपी के इस्तेमाल किए गए बैंक खाते के संबंध में देश के 11 अलग-अलग थानों और साइबर सेल में शिकायतें दर्ज होने की जानकारी मिली है.

तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई

पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा ने रेंज साइबर थाना को साइबर अपराधों में शामिल मुख्य आरोपियों की पहचान कर तकनीकी साक्ष्य जुटाने और उनकी गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे. इसी के तहत दोनों मामलों में कार्रवाई की गई. पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है.

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