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आज से श्रीमद्भागवत कथा : राम जानकी मंदिर से निकली भव्य कलश यात्रा, इन्द्रेश महाराज सुनाएंगे कथा

Chhattisgarh September 21, 2026 रिपोर्टर: shailesh
आज से श्रीमद्भागवत कथा : राम जानकी मंदिर से निकली भव्य कलश यात्रा, इन्द्रेश महाराज सुनाएंगे कथा

आज से श्रीमद्भागवत कथा : राम जानकी मंदिर से निकली भव्य कलश यात्रा, इन्द्रेश महाराज सुनाएंगे कथा

रायपुर. राजधानी रायपुर के देवेन्द्रनगर स्थित कृषि उपज मंडी ग्राउंड में आज (21 सितंबर) से सात दिवसीय भव्य श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हो रहा है. प्रसिद्ध भागवताचार्य एवं युवा आध्यात्मिक वक्ता इन्द्रेश महाराज के मुखारविंद से यह कथा 21 से 27 सितंबर तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जाएगी. कथा को लेकर शहर के श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है.

राम जानकी मंदिर से निकली भव्य कलश यात्रा

कथा के प्रथम दिन आज सुबह 10 बजे श्रीराम जानकी मंदिर (कृषि उपज मंडी के सामने, देवेन्द्रनगर) से एक भव्य मंगल कलश यात्रा निकाली गई, जो कथा स्थल तक पहुँची. सनातन धार्मिक परंपरा के अनुसार इस यात्रा में शामिल अधिकांश श्रद्धालु पीले रंग के परिधानों में नजर आए. आज प्रथम दिवस व्यास पीठ की स्थापना के पश्चात दोपहर 2 बजे से कथा का मुख्य क्रम शुरू होगा.

वाटरप्रुफ पंडाल और विशेष इंतजाम

प्रमुख सेवादार गुंजन प्रजापति ने जानकारी दी कि बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए कथा स्थल पर एक विशाल वाटरप्रुफ पंडाल का निर्माण किया गया है. इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग, पेयजल, सुरक्षा और प्राथमिक चिकित्सा जैसी तमाम जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं. कथा स्थल पर बड़े प्रोजेक्टर और बेहतरीन साउंड सिस्टम लगाए गए हैं ताकि दूर बैठे भक्त भी महाराजश्री के दर्शन और प्रवचन का लाभ उठा सकें.

आयोजकों की खास अपील

आयोजन समिति ने स्पष्ट किया है कि कथा में किसी भी प्रकार के वीआईपी (VIP) या विशेष पास की व्यवस्था नहीं है. सभी भक्तों के लिए बैठने की व्यवस्था एक समान रखी गई है. समिति ने वरिष्ठ नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे समय से पहले पहुंचें, साथ ही जूते-चप्पलों के लिए अपनी थैली और पीने का पानी साथ लाने की अपील की गई है.

ये हैं कथा का पूरा शेड्यूल

22 सितंबर: ध्रुव चरित्र का वर्णन

23 सितंबर: प्रहलाद चरित्र

24 सितंबर: श्रीकृष्ण जन्मोत्सव

25 सितंबर: श्री गोवर्धन लीला महोत्सव

26 सितंबर: श्रीकृष्ण रुक्मिणी महोत्सव

27 सितंबर: कथा विश्रांति, पूर्णाहुति (सुबह 11 से दोपहर 2 बजे), महाप्रसादी वितरण एवं आशीर्वचन.

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