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अगले 33 साल में दस करोड़ से भी कम रह जाएगी जापान की आबादी

World April 27, 2023 रिपोर्टर: shailesh
अगले 33 साल में दस करोड़ से भी कम रह जाएगी जापान की आबादी

अगले 33 साल में दस करोड़ से भी कम रह जाएगी जापान की आबादी

टोक्यो : जापान की आबादी साल 2056 तक घट कर दस करोड़ से नीचे आ जाएगी। अगर प्रति महिला शिशु जन्म दर आज के स्तर पर ही बनी रही, तो साल 2059 तक देश में हर साल जन्म लेने वाले शिशुओं की संख्या पांच लाख से भी कम रहने लगेगी। ये अनुमान टोक्यो स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पॉपुलेशन एंड सोशल सिक्युरिटी रिसर्च ने लगाए हैं।

इस संस्था ने चेतावनी दी है कि अगर जापान में उत्पादकता नहीं बढ़ी, तो घटती आबादी को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि जापान आर्थिक रूप से एक कमजोर देश बन जाएगा। उसने कहा है कि जापान को या तो आबादी बढ़ाने या फिर उत्पादकता बढ़ा कर आर्थिक वृद्धि की दर बरकरार रखने के लिए तुरंत कदम उठाने होंगे।

जापान में जनसंख्या संबंधी अनुमान में हर पांच साल पर संशोधन किए जाते हैं। ये संशोधन जनगणना से सामने आए आंकड़ों के आधार पर किए जाते हैं। ताजा अनुमान छह साल बाद घोषित हुए हैं। कोरोना महामारी के कारण जनगणना देर से हो सकी, इसलिए समय पर जनसंख्या संबंधी अनुमान सामने नहीं आ सके।

पिछला अनुमान 2017 में जारी हुआ था। तब कहा गया था कि जापान की आबादी साल 2053 तक घट कर दस करोड़ से कम रह जाएगी। अब इसे दो साल आगे खिसकाया गया है, क्योंकि गुजरे पांच वर्षों में बड़ी संख्या में दूसरे देशों से लोग आकर जापान में बसे हैं। 2016 से 2019 तक जापान में औसतन हर साल 70 हजार लोग आकर बसते थे, लेकिन अब यहां आंकड़ा एक लाख 60 हजार तक पहुंच जाने का अनुमान है।

ताजा अनुमान कहा गया है कि अगर सिर्फ जापानी मूल के लोगों की संख्या पर गौर किया जाए, तो यह साल 2048 तक ही दस करोड़ से नीचे आ जाएगी। 2017 में ऐसा 2049 में होने का अनुमान लगाया गया था। ताजा अनुमान यह है कि जापान की आबादी में विदेशी मूल के लोगों की संख्या आगे बढ़ती जाएगी। इसके बावजूद साल 2070 तक जापान की कुल आबादी आठ करोड़ 70 लाख रहेगी, जबकि यह 12 करोड़ 60 लाख है।

छह साल पहले जारी अनुमान में बताया गया था कि जापान में प्रति महिला शिशु जन्म दर 1.44 है। ताजा अनुमान में इसे घटा कर 1.36 कर दिया गया है। अगर यही जन्म दर बनी रही, तो साल 2059 में जापान में सिर्फ चार लाख 96 हजार शिशुओं का जन्म होगा। 2022 में देश में आठ लाख से कुछ कम बच्चों का जन्म हुआ था।

जन्म दर गिरने के साथ जापानी समाज में बुजुर्गों का अनुपात बढ़ेगा। 2050 तक कुल आबादी में 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की संख्या 10 फीसदी से भी कम रह जाएगी। उधर 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की संख्या 38.7 फीसदी हो जाएगी। 2020 में यह संख्या 28.6 फीसदी थी। तब तक ऐसी स्थिति बन जाएगी कि कमाने की उम्र वाले लोगों से अधिक संख्या सामाजिक सुरक्षा पर निर्भर लोगों की हो जाएगी। इसका जापान की अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ेगा।

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