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तीज 14 सितंबर को : सज गया बाजार, सैकड़ों करोड़ पहुचेगा साड़ियों का कारोबार

Chhattisgarh September 7, 2026 रिपोर्टर: shailesh
तीज 14 सितंबर को : सज गया बाजार, सैकड़ों करोड़ पहुचेगा साड़ियों का कारोबार

तीज 14 सितंबर को : सज गया बाजार, सैकड़ों करोड़ पहुचेगा साड़ियों का कारोबार

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े त्योहार तीजा के लिए बहनों को साडी देने के लिए भाई और उनके परिवार वाले राजधानी रायपुर के साथ ही प्रदेश भर के छोटे से लेकर बड़े शहरों में साड़ियों की जमकर खरीदारी कर रहे हैं। अब तो महंगी साड़ियों का भी बड़ा क्रेज हो गया है। पहले जो वर्क वाली साड़ियों दस हजार से कम की नहीं आती थीं, आज कल एक हजार में भी मिल जाती हैं। ऐसे में इनकी ज्यादा खरीदारी हो रही है।

कारोबारियों के मुताबिक, प्रदेश भर में साड़ियों का 700 करोड़ का कारोबार संभव है। पंडरी कपड़ा बाजार तो रात को 12 बजे तक खरीदारी के कारण खुल रहा है। छत्तीसगढ़ में विवाहित महिलाओं को तीजा का बेताबी से इंतजार रहता है। तीज पर्व 14 सितंबर को है। तीजा के लिए भाई बहन के ससुराल से उनको अपने घर लेकर आते हैं। तीजा पर भाई द्वारा बहन को साड़ी देने की परंपरा है। इस परंपरा के लिए ही भाई बहनों के लिए साड़ियों की खरीदारी कर रहे हैं। ऐसे में प्रदेश भर के कपड़ा बाजार में खासकर साड़ियों की दुकानों में रौनक है और जमकर खरीदारी हो रही है।

ती छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा त्योहार

संरक्षक पंडरी कपड़ा बाजार एसोसिएशन के चंदर विदानी ने बताया कि, तीजा छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा त्योहार है। इसके लिए पंडरी कपड़ा बाजार के साथ प्रदेश भर में जमकर खरीदारी हो रही है। 700 करोड़ के कारोबार की संभावना है। रायपुर में ही 400 करोड़ से ज्यादा कारोबार होने का अनुमान है।

रायपुर में सबसे ज्यादा कारोबार

प्रदेश में कपड़ों का सबसे बड़ा बाजार पंडरी रायपुर में है। यहां पर साड़ियों की सबसे ज्यादा दुकानें हैं। इन दुकानों में जहां थोक में बिक्री होती है, वहीं चिल्हर में भी कारोबार होता है। ऐसे में पंडरी कपड़ा बाजार में इस समय तीजा की जमकर खरीदारी हो रही है। कारोबारियों की मानें तो प्रदेश में तीजा पर साड़ियों का सात सौ करोड़ से ज्यादा का कारोबार होगा। इसमें से चार से साढ़े चार सौ करोड़ का कारोबार राजधानी रायपुर में होगा। यहां पर सबसे बड़े कारोबार का कारण यह है कि यहां से प्रदेश भर के शहरों के कारोबारी भी खरीदारी करते हैं। यहीं नहीं आस-पास के राज्यों के कारोबारी भी खरीदारी करने आते हैं।

महंगी साड़ियों का क्रेज ज्यादा

कारोबारियों के मुताबिक, इस समय महंगी साड़ियों का बड़ा क्रेज हैं। मध्यम वर्ग भी तीजा पर बहनों को महंगी साड़ियां देने के लिए खरीदारी कर रहा है। अच्छी साड़ियों की शुरुआत 800 से लेकर पांच हजार तक हैं। इससे ज्यादा वाली साड़ियों भी हैं। दस हजार से ज्यादा महंगी साड़ियां भी हैं। वर्क वाली साड़ियों की बड़ी डिमांड है। ये साड़ियां पहले दस हजार से कम की नहीं आती थी, लेकिन अब इसकी शुरुआती कीमत हजार रुपए हो गई है। ऐसे में मध्यम वर्ग परिवार भी वर्क वाली हजार रुपए और इसके ज्यादा कीमत वाली साड़ियां ले रहे हैं।

तीजा साल में एक बार आता है, ऐसे में मध्यम वर्गीय परिवार की भी सोच है कि अपनी बहन-बेटी को अच्छी और महंगी साड़ी दी जाए ताकि उनको भी अच्छा लगे और उनके ससुराल वालों को भी अच्छा लगे। अमीर वर्ग तो दस हजार और उससे ज्यादा कीमत वाली महंगी साड़ियां भी ले रहे हैं। वर्क वाली और अच्छी क्वालिटी की ज्यादातर साड़ियां सूरत से आती हैं।

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