बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया को लेकर चल रही जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में विस्तृत हलफनामा पेश किया है। सरकार ने बताया कि दूसरे चरण की लाटरी पूरी हो चुकी है, जिसमे 1174 बच्चों का चयन किया गया है। वहीं, शेष रिक्त सीटों को भरने के लिए विभाग व्यापक प्रचार-प्रसार और अभिभावको की सहायता करेगा। सरकार की ओर से कहा गया कि आरटीई के तहत अगस्त तक बच्चों के एडमिशन की प्रक्रिया चलेगी।
इस पर कोर्ट ने सवाल किया कि अप्रैल में सत्र शुरू हो गया है। ऐसे में यह गरीब बच्चे पढ़ाई कब शुरू करेंगे और इनका कोर्स कैसे पूरा होगा। क्या राज्य सरकार इनके लिए कोई अलग से व्यवस्था करने वाली है। हाईकोर्ट के पूर्व आदेश के अनुपालन में स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से हलफनामा प्रस्तुत कर आरटीई सीटो की स्थिति, प्रतिपूर्ति और प्रवेश प्रक्रिया की ताजा जानकारी दी गई। हलफनामे में कहा गया कि विभाग न्यायालय के सभी आदेशों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है और अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जा रहे
प्रदेश के 33 जिलों में आरटीई की दूसरी लॉटरी संपन्न
सरकार ने बताया कि, 6 जुलाई 2026 को प्रदेश के सभी 33 जिलो में आरटीई के तहत बची हुई सीटों के लिए दूसरी लाटरी आयोजित की गई। लाटरी के लिए 9984 सीटें उपलब्ध थीं। इनके लिए 12.934 आवेदन प्राप्त हुए। लाटरी के बाद 1174 बच्चों का चयन किया गया। लिए 12.934 आवेदन प्राप्त हुए। लाटरी के बाद 1174 बच्चों का चयन किया गया। चयनित बच्चों का प्रवेश 8 जुलाई से 17 जुलाई 2026 तक कराया गया। सरकार ने यह भी कहा कि बची हुई सीटो को भरने के लिए अभिभावको को हरसंभव सहायता दी जाएगी और प्रक्रिया अगस्त तक चलेगी।
339.73 करोड़ रुपए की प्रतिपूर्ति राशि जारी
राज्य सरकार ने हलफनामे में बताया कि निजी गैर-अनुदान प्राप्त स्कूलों को आरटीई के तहत प्रवेश देने के एवज में प्रतिपूर्ति के लिए 339 करोड़ 73 लाख 36 हजार रुपए की राशि स्वीकृत कर दी गई है। यह राशि वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए स्वीकृत की गई है और इसे लोक शिक्षण संचालनालय के खाते में स्थानांतरित भी कर दिया गया है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि निजी स्कूल संचालको द्वारा प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने की मांग को 10 जून 2026 के आदेश से अस्वीकार कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि वर्तमान प्रतिपूर्ति राशि पर्याप्त है और इसमें वृद्धि की आवश्यकता नहीं है।