छत्तीसगढ़ में निगम व मंडल में खाली पड़े पदों पर जल्द होगी नियुक्ति, इस पैमाने के आधार पर दिए जाएंगे पद

रायपुर : छत्तीसगढ़ में निगम मंडल में दो दर्जन से ज़्यादा राजनीतिक नियुक्तियां बाक़ी है, जिसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य के पद शामिल हैं. पांच राज्यों में परिणाम आने के बाद एक बार फिर बीजेपी के नेता पद पाने के लिए लॉबिंग में जुट गए हैं. ढाई साल तक नियुक्तियों न होने को लेकर कांग्रेस पार्टी बीजेपी पर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगा रही है. वहीं, बीजेपी जल्द नियुक्ति की बात कर रही है.

छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकार को बने ढाई साल हो गए है. ढाई साल बीतने के बाद भी निगम और मंडल में दो दर्जन से ज़्यादा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य के पद खाली हैं, जिसको लेकर बीजेपी के अंदर एक बार फिर लॉबिंग शुरू हो गई है. पार्टी के अंदर चर्चा है कि पांच राज्यों के चुनाव में पार्टी का कार्य करने वाले नेताओं के परफॉर्मेंस के आंकलन को भी नई नियुक्तियों में देखा जाएगा.

पश्चिम बंगाल में पार्टी के लिए काम करने वालों को मिलेगा इनाम

छत्तीसगढ़ में निगम मंडलों और विभिन्न आयोगों में रिक्त पद हैं उनमें मदरसा बोर्ड, वक्फ बोर्ड, उर्दू अकादमी, केश कला बोर्ड और अल्पसंख्यक आयोग जैसे संस्थानों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों के दो दर्जन से अधिक पद खाली हैं. इसके अलावा, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (PSC) में तीन सदस्यों के पद और प्रदेश भर के निगमों में एल्डरमैन के 759 पद भरे जाने बाकी हैं. ऐसे में चर्चा है कि इन नियुक्तियों में उन नेताओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्होंने पांच राज्यों के चुनावों और विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में पार्टी के लिए सक्रिय रूप से कार्य किया है.

केंद्रीय टीम में भी मिल सकती है जगह

राज्य के कुछ नेताओं को भाजपा की केंद्रीय टीम में भी समायोजित किए जाने की संभावना है. नियुक्तियों में हो रही देरी को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर तंज कसते हुए कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा का कहना है कि मंथन के बाद जल्द ही नियुक्तियां की जाएंगी. लिहाजा, पांच राज्यों के चुनाव परिणाम आने के बाद अब भाजपा के भीतर इन पदों के लिए लॉबिंग एक बार फिर शुरू हो गई

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