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सीबीआई जांच में खुलासा : टामन सिंह सोनवानी का भतीजा नीतेश और बहू निशा बिना इंटरव्यू दिए बन गए डिप्टी कलेक्टर

Chhattisgarh October 3, 2025 रिपोर्टर: shailesh
सीबीआई जांच में खुलासा : टामन सिंह सोनवानी का भतीजा नीतेश और बहू निशा बिना इंटरव्यू दिए बन गए डिप्टी कलेक्टर

सीबीआई जांच में खुलासा : टामन सिंह सोनवानी का भतीजा नीतेश और बहू निशा बिना इंटरव्यू दिए बन गए डिप्टी कलेक्टर

रायपुर : छत्तीसगढ़ के सीजीपीएससी घोटाला मामले में सीबीआई ने रिटायर्ड आईएएस जीवन किशोर ध्रुव, उनके बेटे सुमित, परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, टामन की बहू निशा कोसले, दीपा आदिल के खिलाफ 1500 पन्नों की चार्जशीट पेश की थी. जिसमें कई खुलासे हुए हैं. इसमें पूर्व चेयरमेन टामन सिंह सोनवानी का भतीजा नीतेश और बहू निशा बिना इंटरव्यू दिए डिप्टी कलेक्टर बनने की बात सामने आई है.

बिना इंटरव्यू दिए डिप्टी कलेक्टर बन गए टामन सोनवानी का भतीजा और बहू

सीजीपीएससी घोटाला मामले में सीबीआई की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. जिसमें सीजीपीएससी के पूर्व चेयरमेन और रिटायर्ड आईएएस टामन सिंह सोनवानी का भतीजा नीतेश सोनवानी और बहू निशा कोसले मुख्य इंटरव्यू में शामिल ही नहीं हुए थे. इसके बावजूद दोनों का चयन कर लिया गया. वजह यह कि नीतेश टामन का दत्तक पुत्र है. इंटरव्यू में खुद टामन बैठे थे. रिश्तेदारी का मामला उठने के बाद पति-पत्नी इंटरव्यू देने पहुंचे ही नहीं, फिर भी चयन सूची में दोनों के नाम आ गए. यह खुलासा पीएससी के दस्तावेजों से हुआ है.

सीबीआई ने पेश किया था 1500 पन्नों की चार्जशीट

बता दें कि सीबीआई ने छत्तीसगढ़ में लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) की 2021-22 भर्ती परीक्षाओं में हुए घोटाले के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सीजीपीएससी की पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, पूर्व सचिव व सेवानिवृत्त आईएएस जीवन किशोर ध्रुव, उनके बेटे सुमित ध्रुव, निशा कोसले और दीपा आदिल को कुछ दिनों पहले ही गिरफ्तार किया था.

इसके बाद सोमवार को सीबीआई ने इन सभी पर परीक्षा में धांधली के आरोप लगाते हुए पांचों आरोपियों के खिलाफ करीब 1500 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है. जिसे सीबीआई की विशेष कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था.

क्या है सीजीपीएससी घोटाला?

साल 2020 से 2022 के दौरान डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी समेत कई पदों के लिए हुई सीजीपीएससी परीक्षा में टामन सोनवानी के रिश्तेदार समेत कुछवीआईपी लोगों के करीबी रिश्तेदारों के चयन पर सवाल उठे थे. इन्हीं आरोपों के आधार पर सीबीआई ने मामला दर्ज किया था. इस केस की जांच जारी है. इस मामले में सीबीआई की टीम सीजीपीएससी के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी और बजरंग पावर के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है.

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