कभी पेन-किताब खरीदने के नहीं थे पैसे…आज धमतरी में 7 करोड़ रुपए की लागत से खड़ा किया स्टार्टअप

धमतरी : वो कहते हैं, अगर मेहनत पूरे लगन से की जाए तो सफलता जरूर मिलती है. और इसी का एक उदाहरण सामने आया है, जहां सारंगढ़-बिलाईगढ़ के वनांचल बनवास पाली के रहने वाले किशोर कुमार सिदार, धमतरी के फूड पार्क में टमाटर के उत्पाद बनाने की यूनिट शुरू करने जा रहे हैं. लागत करीब 7 करोड़ रुपए है.

धमतरी में 7 करोड़ रुपए की लागत से खड़ा किया स्टार्टअप

किशोर ने देश में सब्जी की बर्बादी से आइडिया लेकर इस स्टार्टअप को शुरू किया. उनकी सोच और लगन से वेंचर कैपिटल फंड्स लिमिटेड, आईएफसीआई दिल्ली से 3.5 करोड़ रुपए की मदद मिली. फिलहाल किशोर रायपुर के कमल विहार में रह रहे हैं.

कभी पेन-किताब खरीदने के नहीं थे पैसे

उन्होंने अपनी सफलता के साथ जीवन के मुश्किल वक्त भी भास्कर के साथ साझा किया. किशोर के मुताबिक, “पिता की शराब की लत की वजह से 1998 में खेत-मवेशी नीलाम हो गए, आय का साधन नहीं बचा और परिवार की आर्थिक हालत कमजोर हो गई. मां के साथ मजदूरी करने जाता, उन्हीं पैसों से किताबें खरीदीं. 12वीं की परीक्षा देने के लिए पेन नहीं खरीद पाया तो रीफिल से ही उत्तर लिखे.

4 बार हुए थे फेल

बता दें कि किशोर ने टॉप भी किया. 4 बार फेल भी हो चुका था. बाद में अपने ही क्लास में कॉमर्स के बच्चों को पढ़ाने लगा. कर्ज लेकर किराना दुकान भी खोली, लेकिन मन में कुछ बड़ा करने की ललक थी. 2018 में वे दलित इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के एक जागरुकता कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान एक वक्ता ने जानकारी दी कि सालभर में देश में 45 फीसदी सब्जी बर्बाद होती है.

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