CG : कामधेनु सरिया कम्पनी का डीलर बनाने के नाम पर ठगने वाले गिरोह का खुलासा, छह गिरफ्तार

जशपुर : जिला पुलिस ने ठेकेदार से ऑनलाइन 9.25 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पटना (बिहार) से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें एक नाबालिग भी शामिल है। मुख्य आरोपी फरार है और उसकी तलाश जारी है।

दरअसल, पीड़ित कनक कुमार चंडालिया(55 वर्ष), निवासी जशपुर, जो लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार हैं, ने 7 सितंबर 2024 को कामधेनु सरिया का डीलर बनने के लिए गूगल पर कंपनी का नंबर सर्च किया। फर्जी कॉल करने वाले आरोपी ने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए डीलरशिप की प्रक्रिया शुरू की और पीड़ित से जरूरी दस्तावेज व्हाट्सएप पर मंगवाए।इसके बाद, आरोपी ने डीलरशिप की पुष्टि का झांसा देकर 1.25 लाख रुपये और फिर 8 लाख रुपये बतौर अग्रिम भुगतान के रूप में ट्रांसफर करवाए। जब पीड़ित ने कामधेनु स्टील हेडक्वार्टर से संपर्क किया, तो ठगी का खुलासा हुआ।

ठगी की शिकायत पर जशपुर पुलिस ने साइबर सेल की मदद से मामले की जांच शुरू की। मोबाइल सर्विलांस और बैंक ट्रांजेक्शन के जरिए आरोपियों का पता लगाया गया। पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह के निर्देश पर एक टीम को पटना भेजा गया, जहां पाटलिपुत्र इलाके के एक किराए के मकान से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में  मनीष (21 वर्ष), निवासी नालंदा, बिहार, रुदल (20 वर्ष), निवासी नालंदा, बिहार, राजन (19 वर्ष), निवासी नालंदा, बिहार, विशाल (22 वर्ष), निवासी नालंदा, बिहार, अजीत (19 वर्ष), निवासी नालंदा, बिहार एक नाबालिग शामिल है|

मुख्य आरोपी फरार

गिरोह का सरगना रोशन यादव (20 वर्ष), निवासी कबीरपुर, थाना मानपुर, नालंदा, बिहार, अभी फरार है। उसकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं। आरोपियों से पासबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया कि मुख्य आरोपी रोशन यादव ने अन्य आरोपियों से बैंक खातों की जानकारी, एटीएम और पासबुक ली थी। वह हर ट्रांजेक्शन के बदले सहयोगियों को 5,000 रुपये देता था और ठगी की रकम खुद एटीएम या ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से निकालता था।

पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने आम नागरिकों से अपील की है कि ठगी से बचने के लिए सतर्क रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। उन्होंने कहा कि साइबर जागरूकता से इस तरह की ठगी रोकी जा सकती है। इस पूरी कार्रवाई में डीएसपी अजाक/क्राइम श्री भावेश समरथ, थाना सिटी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रवि शंकर तिवारी, एएसआई चंद्रप्रकाश त्रिपाठी, आरक्षक बसंत खुटिया और तुलसी रात्रे ने अहम भूमिका निभाई। बहरहाल,जशपुर पुलिस ने एक बड़ी ठगी का पर्दाफाश किया है, लेकिन मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही पूरे नेटवर्क का खुलासा संभव होगा।

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